Leprosy (कुष्ठ रोग) / Hansen’s Disease ( HD) क्या है? Leprosy in hindi

Introduction :
यह एक दीर्घकालिक बीमारी है जो जानलेवा ,खतरनाक, घृढ़ित, अनुवांशिक संक्रामक तथा छुआछूत से होती है यह बीमारी किसी को भी हो सकता है परंतु ज्यादातर इसका शिकार अधेड़ या बूढ़े लोग होते हैं यह Mycobacterium Leprosy नामक bacteria द्वारा होता है जिसकी शुरुआत जख्म युक्त खुजली से होती है।

Etiology :
वैसे तो इस बीमारी को लेकर अलग-अलग समाज में अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं हैं कुछ लोग इसे श्रापित मानते हैं तो कुछ पिछले कुकर्मों का फल, लेकिन वास्तविक इसका मुख्य कारण अत्यधिक गर्म क्षेत्रों में रहना और गर्म गर्म भोजन करना। मांसाहारी भोजन करने वाले यदि मौसम का ख्याल ना रखें तो वे इसका शिकार हो सकते हैं संक्रमित व्यक्ति को अगर खासी जुकाम है तो उसकी नाक से निकलने वाला तरल कुष्ठ रोग के बैक्टीरिया स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है संक्रमित व्यक्ति से गले या हाथ  मिलाने से भी यह रोग फैल सकता है। बड़ो के तुलना में बच्चों में इसके फैलने का जोखिम ज्यादा होता है कमजोर रोगप्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्ति इस संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं।

Symptoms :
जिस व्यक्ति को कुष्ठ रोग होता है उसके हाथ पैर की अंगुलियों में जख्म हो जाता है और तेज जलन के साथ खुजली होती है हाथ पैर की अंगुलियां टेढ़ी हो जाती है उनमें से हमेशा दुर्गंध युक्त  pus श्रावित होते रहता है व्यक्ति की यादाश्त काफी कमजोर हो जाती है उसके रक्त के साथ साथ उसका अनुवांशिक पदार्थ भी दूषित हो जाता है त्वचा के रंग में परिवर्तन दिखने लगता है मांस पेशियों में कमजोरी होने लगती है बाल झड़ने लगता है त्वचा रूखी हो जाती है नाक बंद और नाक से खून आना शुरू हो जाता है।

Management :
ऐसे रोगियों को मांसाहारी भोजन का त्याग कर देना चाहिए और शुद्ध शाकाहारी भोजन का सेवन करना चाहिए। शुरुआती दौर में किसी अच्छे चर्म रोग विशेषज्ञ (  Dermatology)  से मिलकर उचित दवा का प्रयोग करना चाहिए यदि बीमारी बढ़ जाए तो उसे किसी धार्मिक स्थलों पर चले जाना चाहिए।
बेशक, कुष्ठ रोग खतरनाक संक्रामक रोग तो है लेकिन इससे बचा जा सकता है। कुष्ठ रोगियों के संपर्क में आने से बचे। बेसिलस कलमेटे- गुएरिन (Bacillus Calmette-Guerin) टीकाकरण करने पर कुष्ठ रोग से बचा जा सकता है किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचने के लिए खुद को साफ सुथरा रखना चाहिए। पौष्टिक आहार का सेवन करें ताकि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे। और रोगों से आपका शरीर लड़ सके। 

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