आपने कई बार सुना होगा कि बीमारी कभी बताकर नहीं आती| बहुत से लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है, कि हम अपने शरीर का पूरा ध्यान रखते है, कभी गलत दिनचर्या का पालन नहीं करते, फिर भी हम बीमार क्यों होते है?

जैसे-जैसे विज्ञानं ने तरक्की की है, वैसे-वैसे कई नई खतरनाक बीमारियां भी अस्तित्व में आई है, जिनके बारे में न पहले सुना गया न देखा गया| आधुनिकीकरण के साथ-साथ विभिन्न रोगों ने मनुष्य को अपना शिकार बनाया है, इनमे से कुछ तो ऐसी है, जिनका कोई इलाज या उपचार अभी तक नहीं खोजा गया है|

परन्तु हमारा यह मानना है, कि यदि आप बीमारी आने से पूर्व कुछ विशेष सावधानी रखे तो इसके परिणाम को कुछ सीमा तक कम किया जा सकता है| आज हम यहाँ इसी की चर्चा करेंगे, कि अक्सर हम बीमार क्यों पड़ते है, आइये इसके कारणों पर थोडा विचार करते है:-

रोगाणु:

रोगाणु को शरीर को बीमार के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेवार समझा जाता है| इसमें से कई रोगाणु ऐसे होते है, जिनपर दवाओ का कोई असर नहीं होता और ये लम्बे समय तक शरीर को बीमार कर सकते है|

रोग-प्रतिरोधक क्षमता की कमी:

किसी भी प्रकार के संक्रमण या बीमारी से लड़ने के लिए शरीर की रोग-प्रतिरोधी क्षमता का शक्तिशाली होना अनिवार्य है, अगर आपकी रोग-प्रतिरोधी शक्ति कमजोर है, तो आप जल्दी बीमारी की चपेट में आयेंगे एवं शीघ्रता से ठीक भी नहीं हो सकेंगे|

दवाइयों का अधिक सेवन:

अक्सर हम छोटी-मोटी बीमारी में दवाइयों का अधिक सेवन करने से बाज नहीं आते बिना यह जाने की एंटीबायोटिक दवाई से शरीर का कितना नुकसान होता है एन शरीर के प्राक्रतिक बीमारी से लड़ने की क्षमता का ह्रास होता जाता है| छोटे बच्चों को भी दवाइयों का सेवन करवाया जाता है, जिससे उनकी रोग-प्रतिरोधी क्षमता समाप्त हो जाती है एवं वे कभी स्वस्थ नहीं रह पाते|

पर्यावरण प्रदूषण:

अधिकतर लोगों की बीमारी का कारण पर्यावरण में मौजूद प्रदूषण भी होता है| वातावरण में विद्यमान छोटे-छोटे कीटाणु एवं रोगाणु श्वास के द्वारा आपके शरीर में प्रवेश करते है एवं विभिन्न रोगों का कारण बनते है| इसलिए स्वाइन फ्लू, इबोला, बर्ड फ्लू जैसे घातक रोग सामने आये जिनका पहले कोई अस्तित्व नहीं था|

साफ-सफाई में कमी:

साफ-सफाई में कमी जैसे अपने आसपास के वातावरण को गंदा रखना, फल, सब्जियां आदि बिना धोये हुए इस्तेमाल करना, गंदे शौचालय में जाना, बिना हाथ धोये खाना आदि कई प्रकार की जानलेवा बीमारियों को निमत्रण देते है|

निष्कर्ष:

इस प्रकार इन छोटी-छोटी लापरवाही के चलते आप न चाहते हुए भी बीमार हो जाते है| यदि आप इन कारणों पर गौर करेंगे तो पायेंगे की अधिकतर बीमारियाँ आपके स्वयं के कारण ही पैदा होती है|

अत: स्मरण रखे कि कोई भी बीमारी अचानक से आपके शरीर को निशाना नहीं बनाती, इसलिए सावधानी एवं जागरूकता अनिवार्य है| बचपन से ही बच्चों को स्वच्छता की आदत डाले| जब तक आवश्यक न हो, दवाई लेने से परहेज करे एवं शरीर को उससे लड़ने दे|

समझदारी एवं आपकी जागरूकता बहुत सी परेशानियों से निजात दिला सकती है|