स्टेम सेल सम्बन्धी कुछ रोचक तथ्य इस प्रकार हैं-

स्टेम सेल (कोशिका) को प्रायः भ्रूण से प्राप्त किया जाता है।

स्टेम सेल मुख्य रूप से दो प्रकार के हैं- प्ल्यूरिपोटेंट स्टेम सेल व मल्टीपोटेंट स्टेम सेल।

प्ल्यूरिपोटेंट स्टेम सेल सभी कोशिकाओं के रूप में विकसित होने की क्षमता रखती है, जबकि मल्टीपोटेंट स्टेम सेल कुछ कोशिकाओं के रूप में ही विकसित हो सकती हैं।

स्टेम सेल को ब्लैंक सेल भी कहा जाता है।

स्टेम सेल में शरीर में पायी जाने वाली कोशिकाओं के समान विकास करने की क्षमता पायी जाती है।

शरीर के किसी भी भाग में यदि किसी कोशिका में कोई कमी या खराबी आ जाती है तो स्टेम सेल पूर्णतया उस कमी व खराबी को दूर कर क्षतिपूर्ति करती है।

स्टेम सेल को 300 तरह की कोशिकाओं में परिवर्तित किया जा सकता है।

स्टेम सेल में विभाजन की प्रवृति पायी जाती है।

स्टेम सेल तकनीक की खोज 1998 में अमेरिकी वैज्ञानिकों द्वारा की गयी थी।

स्टेम सेल तकनीक की सहायता से शरीर में अनुपयोगी व खराब हो चुकी कोशिकाओं को नष्ट करके नव कोशिकाओं का निर्माण किया जा सकता है। इस तकनीक को “एम्ब्रॉयनिक स्टेम सेल तकनीक” के नाम से जाना जाता है।

इस तकनीक में स्टेम सेल का प्रवेश शरीर में इंजेक्शन के माध्यम से करवाया जाता है।

डायबिटीज, लीवर, किडनी, दिल के रोग, एड्स, ट्यूमर, रीढ़ की हड्डी सम्बन्धी परेशानी तथा आनुवांशिक रोगों जैसी अनेक घातक बीमारियों से बचाव करने व इनसे होने वाले  प्रभाव में कमी लाने में स्टेम सेल काफी हद तक सहायक होती है।

वर्तमान समय में अपनी स्टेम सेल को सुरक्षित रखने के लिए “स्टेम सेल बैंकिंग” की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

स्टेम सेल बैंकिंग में इस सेल को सुरक्षित तरीके से जीवित रखने के लिए -196℃ तापमान पर संग्रहित किया जाता है।

भ्रूण से प्राप्त की जाने वाली स्टेम सेल में 75 से भी अधिक प्रकार के रोगों से बचाव करने की क्षमता पायी जाती है और इसमें 5000 के करीब प्रोटीन पाये जाने की पुष्टि हुई है।

विज्ञान की माने तो स्टेम सेल से दिल का वॉल्व, कृत्रिम शुक्राणु व धमनियाँ भी बनाई गयी हैं।

“होप- इन विट्रो” नामक उपन्यास भी स्टेम सेल पर आधारित है।

गर्भावस्था के दौरान यदि स्त्री के जननांग में कोई घाव या जख्म हो जाता है तो गर्भस्थ शिशु की सहायता से स्टेम सेल द्वारा उसका स्वतः ही प्राकृतिक रूप से उपचार हो जाता है।

वर्तमान समय में स्टेम सेल सम्बन्धी विषय पर भविष्य में रोजगार के भी कई विकल्प उपलब्ध हैं|