सूक्ष्म जीव छोटे-छोटे जीवो का समूह है, जिसे हम प्रत्यक्ष रूप से या नंगी नजरो से नहीं देख सकते, जिन्हें देखने के लिए सूक्ष्मदर्शीयंत्र की सहायता लेनी पडती है, इस तरह के जीवो को विज्ञानं ने सूक्ष्म जीव कहा है। सूक्ष्म जीव सर्वव्यापी कहे जाते है, अर्थात ये हर जगह पाए है, जैसे, मिटटी, जल, वायु, पौधों, यहाँ तक के मानव शरीर भी हजारो-लाखों सूक्ष्म जीवों का एक घर है।

सूक्ष्म जीव उन जगहों पर भी पाए गए है, जहा जीवन सम्भव नहीं है, इन सूक्ष्म जीवों को जीवित रहने के लिए अधिक स्त्रोतों की आवश्यकता नहीं होती। सूक्ष्म जीवों को भी वर्गीकरण के आधार पर ४ भागो में बांटा गया है:-

  • कवक
  • जीवाणु
  • प्रोटोजोआ
  • शैवाल

इसके साथ-साथ सूक्ष्म जीव, मित्र और शत्रु कहे जाते है। मित्र सूक्ष्म जीव वे होते है जो हमारे लिए हितकारी होते ही, जैसे हमारी खाने-पीने की वस्तुओ जैसे दही, ब्रेड आदि में सूक्ष्म जीव पाए जाते है, किन्तु ये सेहत को कोई नुकसान नहीं पहुचाते। इसी प्रकार जो सूक्ष्म जीव स्वास्थ्य को हानि पहुचाते है, उन्हें शत्रु सूक्ष्म जीव कहा जाता है।

सूक्ष्म जीवों का पर्यावरण पर प्रभाव:

कुछ सूक्ष्म जीव पर्यावरण के लिए लाभकारी होते है। ये सूक्ष्म जीव पर्यावरण में अपशिष्ट पदार्थो का अपघटन करके उन्हें विनिष्ट कर देते है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुचाने वाले हानिकारक तत्वों का समायोजन हो जाता है, एवं प्रदूषण को रोकने में सहायता मिलती है।