बाष्प स्नान, स्टीम बाथ, या सोना बाथ, या भाप स्नान आदि नामो से पुकारे जाने वाले इस स्नान को लेना सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है| स्टीम बाथ आप न केवल सर्दियों में बल्कि कभी भी ले सकते है|

इससे रक्त संचार ठीक रहता है एवं शरीर की मृत कोशिकाए निकल जाती है, जिससे त्वचा में नयी कोशिकाओं का बनना शुरू होता है एवं अच्छे से सफाई हो जाती है जिससे स्किन अच्छी एवं कोमल बनी रहती है|

स्टीम बाथ का फायदे:

स्टीम बाथ तनाव से मुक्ति पाने का अच्छा तरीका है इससे रोमछिद्र खुल जाते है एवं आपका शरीर खुलकर सांस ले सकता है|

त्वचा को प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है एवं हानिकारक टोक्सिन शरीर से पसीने के रूप में बाहर निकल जाते है|

इससे मांसपेशियों को राहत मिलती है एवं किसी प्रकार के दर्द या सूजन में आराम मिलता है एवं इससे इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है एवं रात को नींद भी अच्छी आती है|

इससे रक्त प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे त्वचा के रोग से छुटकारा मिलता है एवं यह त्वचा को निरोगी एवं सुंदर बनाता है|

तथ्यों में ऐसा माना गया है कि स्टीम बाथ नियमित रूप से लेने पर कैंसर निर्माण करने वाले सेल्स नष्ट हो जाते है जिससे कैंसर होने की सम्भावना कम हो जाती है|

स्टीम बाथ लेने के नुकसान:

स्टीम बाथ के 15 या 20 मिनट से अधिक नहीं लेना चाहिए एवं इसे केवल उपचार स्वरूप लेना ठीक रहता है|

स्टीम बाथ के बाद शरीर से काफी पानी निकल जाता है इसलिए स्टीम बाथ लेने के बाद पानी ज्यादा पीना चाहिए नहीं तो डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा हो सकती है|

जिन्हें दिल की बीमारी की समस्या हो या गर्भवती महिलाएं एवं छोटे बच्चे अथवा बुखार आदि होने पर स्टीम बाथ नहीं लेना चाहिए|