Last updated on अप्रैल 29th, 2018 at 05:44 अपराह्न

आधुनिक उपकरणों एवं मनुष्य की लापरवाही ने पर्यावरण प्रदूषण को बढ़ावा दिया है, जिसके कारण हवा में साँस तक लेना दूभर हो गया है| वायु प्रदूषण, पर्यावरण प्रदूषण का ही एक प्रकार है, जिसका अर्थ है, वह हवा जिसमे हम सांस लेते है उसमे हानिकारक गैसों जैसे कार्बन मोनोआक्साइड, सी.एफ.सी, नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फ़र डाईआक्साइड आदि का समावेश होना|

धूल के कण इन गैसों के साथ मिलकर वायु को प्रदूषित कर देते है, जिसके कारण विभिन्न प्रकार के रोगों का जन्म होता है, जो मनुष्य के साथ-साथ अन्य जीवो एवं प्रकृति के लिए भी हानिकारक है|

वायु प्रदूषण के मुख्य कारण:

  • कारखानों एवं वाहनों से निकलने वाला जहरीला धुआं
  • परमाणु सयंत्रो से निकलने वाला धुआ एवं जहरीले रसायन
  • पेड़-पौधों को जलाने से उत्पन धुआ
  • धूम्रपान

वायु प्रदूषण से उत्पन्न रोग:

बड़े एवं आधुनिक शहरों में आधुनिकीकरण के कारण मनुष्य ने अपना जीवन नर्क बना लिया है, जिसका उसे अभी कोई अंदाजा नहीं, वायु प्रदूषण से किस प्रकार के रोग उत्पन्न हो सकते ही, इसपर नजर डालते है:-

  • वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, श्वसनतंत्र की शिथिलिता एवं दिल का दौरा आने का खतरा भी रहता है|
  • इसके कारण कैंसर, एलर्जी, खांसी, आँखों में जलन होना एवं नजर का कमजोर पड़ना आदि रोग भी सम्मिलित है|
  • जहरीली गैसों के अत्यधिक शरीर में जाने से अचानक से बुखार, दस्त, उलटी एवं त्वचा सम्बन्धी विभिन्न रोग पैदा हो सकते है|
  • प्रदूषण मस्तिषक की कार्य प्रणाली पर बुरा प्रभाव डालता है, जिससे मृत्यु हो सकती है|