वनस्पति तेल, बहुत प्रकार की वनस्पतियों के बीज से निकला गया तेल होता है जैसे सोयाबीन का तेल, सूर्यमुखी का तेल, सरसों का तेल, नारियल का तेल।

प्राकृतिक रूप से बनाया गया वनस्पति तेल हमारे स्वास्थ के लिए काफी लाभदायक होता है जैसे की सरसों का तेल, नारियल का तेल , सोयाबीन का तेल वहीं कृत्रिम रूप से बनाया गया हाइड्रोजनेटेड आयल जैसे की डालडा, रिफाइन आयल हमारे स्वास्थ के लिए काफी नुकसानदायक सिद्ध होते है इस आर्टिकल में हम ये पता करेंगे की हाइड्रोजनेटेड आयल, रिफाइन आयल और प्राकृतिक वनस्पति आयल क्या होता है।

नारियल का तेल

नारियल का तेल, नारियल से बनाया जाता है, कोकोनट आयल या नारियल का तेल हम अक्सर बालो में लगाते है लेकिन इसके और भी बहुत सारे उपयोग हैं । नारियल तेल मुख्यतः दो तरह का पाया जा सकता है एक बिना रिफाइन कोकोनट तेल और दूसरा रिफाइन कोकोनट तेल । बिना रिफाइन किया हुआ प्राकृतिक कोकोनट का तेल बहूत ही लाभकारी होता है।

नारियल तेल को हम बालो के साथ साथ त्वचा और शरीर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, इस तेल को खाना बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है, यह तेल हमलोगों के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध हुआ है क्यों की हम इसका इस्तेमाल खाना से लेकर, शरीर के मसाज में भी कर सकते है ।

इस तेल का इस्तेमाल घरेलु साबुन बनाने में भी किया जाता है ।

सूरजमुखी का तेल

सूरज मुखी का तेल उसके बीज से निकला जाता है, इसका तेल खाने में और शरीर के मालिस करने में इस्तेमाल किया जाता है। सूरज मुखी के तेल में विटामिन E काफी मात्रा में पाया जाता है, इस तेल में अधिकतर unsaturated fat पाया जाता है, जो की saturated fat से अच्छा है उनलोगों के लिए जो की दिल की बीमारी से दूर रहना चाहते हैं।
लेकिन इनसब के बावजूद सूरज मुखी तेल के कई नुकसान भी पाए गए है जैसे की आपको सूरज मुखी के तेल का इसतेमाल नही करना चाहिए अगर आप pregnent हैं या अपने बच्चे को दूध पिला रही हों।
जिन लोगो को डायबिटीज है उनको भी सूरज मुखी के तेल का इस्तेमाल नही करना चाहिए क्यों की ये तेल blood के sugar level को बढ़ा देते हैं।

सोयाबीन का तेल

सोयाबीन का तेल सोयाबीन के पौधे के बीज़ से निकला जाता है, सोयाबीन के तेल खाने से कोलेस्ट्रॉल में कमी आती है।

इस तेल का उपयोग काफी किया जाता है क्यों की इसमें पाया जाने वाला फैटी एसिड्स हमारे शरीर के लिए काफी उपयोगी है , १०० ग्राम सोयाबीन के तेल में, १६ ग्राम saturated fat , २३ ग्राम
monounsaturated fat और ५८ polyunsaturated fat पाया जाता है।

जैतून का तेल

जैतून के तेल जैतून के पौधे के फल से निकला जाता है।

जैतून का तेल स्वास्थ के लिए काफी लाभदायक है, इसमें मौजूद omega -3 फैटी एसिड्स हमारे दिल के स्वास्थ के लिए काफी अच्छा है।

इस तेल का प्रयोग खाना बनाने, सौन्दर्य सामग्री, साबुन और दवाइया बनाने में किया जाता है। जैतून का तेल वजन घटाने में सहायक हो सकता है। इसके सेवन से कोलेस्ट्रॉल में कमी आती है। दिल की बीमारियों से दूर रहने के लिए इसका सेवन जरूर करे।

मूंगफली का तेल

बाजार में उपलब्ध वनस्पति तेलों में से एक मूंगफली का तेल भी है, मूंगफली का तेल मूंगफली के दानो से बनाया जाता है, इस तेल का उपयोग खाना बनाने में किया जाता है, इस तेल में काफी मात्रा में polyphenol antioxidants  पाया जाता है, जो हमे कैंसर जैसे खतरनाक बीमारियों से बचाता है।

बादाम का तेल

बादाम का तेल या आलमंड आयल मुख्यतः बालो और त्वचा में निखार लाने में प्रयोग किया जाता है। यह त्वचा को Moisturize  कर के रखता है अगर इसका इस्तेमाल त्वचा पर किया जाये तो।

रूखी त्वचा को ठीक करने में यह काफी मददगार होता है। इसके तेल में विटामिन E और A पाया जाता है जो त्वचा और बालो के लिए कभी लाभदायी है।