२०वीं शताब्दी में ऐसे बहुत से लोग थे, जो हमेशा नयी-नयी खोज में लगे हुए थे। ऐसे लोगों ने बहुत से नये और अभिनव उपकरणों का अनुसंधान तथा निर्माण किया। इसी २०वीं शताब्दी में, रेडियो विकास की पूरी परियोजना भी तैयार हो रही थी। इस बात को ले कर हमेशा ही विवाद होता रहा है कि आखिर रेडियो का वास्तव में किसने अविष्कार किया? जब भी रेडियो की अवधारणा के विकास की बात होती है, तो दो लोगों का नाम आवश्यक रूप से लिया जाता है– सर्बियन-अमेरिकन शोधकर्ता निकोला टेस्ला और इतालियन भौतिक विज्ञानी गुगलिलो मार्कोनी। रेडियो के आविष्कार के १०० वर्ष बाद भी, अभी तक लोग इस बात को ले कर संशय में हैं कि आखिर रेडियो के मूल रूप के आविष्कार का श्रेय किसको दें? कुछ लोग मार्कोनी को रेडियो का निर्माता समझते हैं, तो कुछ लोग इस बात को ले कर विवाद करते हैं की इसके वास्तव निर्माता तो टेस्ला ही हैं।

१८८४ में यूएस। जाने के बाद, टेस्ला ने टेस्ला कॉइल का आविष्कार किया। टेस्ला कॉइल एक ऐसा गैजेट है जिसे रेडियो वेव्स भेजने और प्राप्त करने के लिए प्रयोग किया जाता है। १८९५ में टेस्ला ने अपनी लैब से ५० मील दूर तक न्यूयॉर्क के वेस्ट पॉइंट तक रेडियो फ्लैग भेजा। टेस्ला ने १८९७ में, अपने रेडियो कार्य के लिए पेटेंट पाने के लिए अमेरिका में आवेदन किया। उसी के साथ उन्होंने एक ‘रेडियो-कंट्रोल्ड वेसल’ का निर्माण किया और उसे मैडिसन स्क्वायर गार्डन में, सन १८९८ में, प्रदर्शित भी किया।

इसी बीच मार्कोनी भी अपने  रेडीओ वेव्स प्रयोग कर रहे थे। १८९६ में मार्कोनी ने मोर्स-कोड आधारित रेडियो सिग्नल्सको करीबन ४ मील दूर इंग्लैंड भेजने में सफलता पाई। उसी साल, उन्होंने रेडियो का पेटेंट पाने के लिए इंग्लैंड में आवेदन किया। वह विश्व में रिमोट टेलीकम्युनिकेशन का पेटेंट पाने वाले पहले व्यक्ति ही थे।

१९०० में, अमेरिकी पेटेंट कार्यालय ने टेस्ला की लाइसेंस ६४५, ५७६ और ६४९, ६२१ की आवश्यक रूपरेखा को मार्च और मई के महीनों में स्वीकार कर लिया। टेस्ला के रेडियो लाइसेंस की वजह से, रेडियो इंटरचेंज के लिए प्रमुख आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए टेस्ला पर और भी अधिक ज़िम्मेदारी आ गयी। उसी साल १० नवम्बर को मार्कोनी को अपने ‘ट्यूनड टेलीकम्युनिकेशन के लिए पेटेंट संख्या ७७७७ भी मिल गयी। सबसे पहले तो पेटेंट ऑफिस ने मार्कोनी के आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उसने अपने कार्य के लिए टेस्ला के लूप का प्रयोग किया था, और उसी की निर्भरता के आधार पर अपना आविष्कार किया था। परन्तु अत्यधिक संकल्प शक्ति से परिपूर्ण मार्कोनी ने अपने पिता की विरासत की मदद से अपने ब्रॉडकास्ट इनोवेशन को एक लाभदायी व्यावसाय में बदल दिया, और साथ ही साथ अपने रेडियो लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए भी प्रयास करते रहे। १९०१ में, उन्होंने अपना पहला इंटरकांटिनेंटल प्रसारण भी प्रसारित किया।

मार्कोनी ने एक बार फिर पेटेंट के लिए आवेदन किया, और अंत में, १९०४ में, उन्हें UN पेटेंट ऑफिस ने, रहस्यमयी रूप से अपना फैसला बदलते हुए पेटेंट प्रदान कर दिया। १९०९ में मार्कोनी को फिजिक्स के क्षेत्र इस कार्य के लिए ‘नोबेल पुरस्कार, से सन्मानित किया गया। आज तक भी बहुत से लोग मार्कोनी को ही रेडियो के मूल आविष्कारक के रूप में जानते और मानते हैं।