Last updated on अप्रैल 29th, 2018 at 05:50 अपराह्न

रेडियोधर्मी प्रदूषण का अर्थ उस दशा या स्थिति से है, जब ठोस, द्रव एवं गैसीय पदार्थो में रेडियोधर्मी विकिरण अनायास रूप से उपस्थित या प्रकट हो जाती है, एवं जिससे जीव-जन्तुओ व् मनुष्यों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है| कई बार रेडियोधर्मी प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ जाता है, की इससे जीवो की मृत्यु तक हो सकती है|

रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण:

रेडियोधर्मी प्रदूषण प्राय: परमाणु हथियारों के परीक्षण, परमाणु ऊर्जा स्यन्त्रो की स्थापना, एक्स रे मशीन, परमाणु विस्फोट, वैज्ञानिक अनुसन्धान एवं परमाणु ईंधन के प्रयोग से अधिक फैलता है| परमाणु परिक्षण के अंतर्गत रेडियोधर्मी विकिरण अत्यधिक मात्रा में प्रस्फुटित होती है, जिससे आस-पास का वातावरण प्रदूषित हो जाता है, एवं हवा के द्वारा इन विकिरणों को दूर स्थानों पर पहुचने में अधिक समय नहीं लगता, जो कि प्रकृति एवं सभी जीवित प्राणियों के लिए संकट का कारण बन जाता है|

रेडियोधर्मी प्रदूषण के हानिकारक प्रभाव:

रेडियोधर्मी प्रदूषण को फ़ैलाने में मानव का सबसे बड़ा हाथ है, जिसके चलते गम्भीर रोग उत्पन्न होने लगे है, आइये इसके हानिकारक एवं महत्वपूर्ण प्रभावों पर प्रकाश डालते है:-

  • रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण त्वचा एवं कोशिकाओ से सम्बंधित जटिल रोग प्रकट हो रहे है, जिसका इलाज न के बराबर है|
  • कई बार रेडियोधर्मी विकिरणों के दुष्परिणाम बाद में देखने को मिलते है, जैसे कि त्वचा का कैंसर, ब्रेन कैंसर, म्युटेशन आदि|
  • रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण आने वाली पीढ़ियो का अस्तित्व भी खतरे में रहता है, जिसका साक्षात् उदाहरण हिरोशिमा एवं नागासाकी पर हुए परमाणु विस्फोट से देखा जा सकता है|