मुग़ल साम्राज्य के अंतर्गत कई ऐसे महान शासक हुए जिन्हें आज भी इतिहास उनकी उदारता एवं कला से प्रेम के कारण याद रखता है| बाबर से लेकर औरंगजेब तक मुगल साम्राज्य सबसे अधिक शक्तिशाली माना जाता रहा एवं इसने सम्पूर्ण भारत पर अधिकार करते हुए अनेक जगह अपनी विजय का परचम लहराया|

बाबर:

मुगल साम्राज्य की स्थापना का श्रेय बाबर को दिया जाता है जो कि तैमुर लंग एवं चंगेज खान के वंशज थे एवं 1526 ई. में पानीपत के युद्ध वे जीत हासिल करके मुगल राज को स्थापित किया|

बाबर का शासनकाल 1530 ई. तक रहा एवं उनके बाद उनके पुत्र हुमायूँ ने गद्दी का भार संभाला|

हुमायूँ:

बाबर के बाद उसके बेटे हुमायूँ ने शासन की बागडोर अपने हाथ में ली किन्तु वे इतने योग्य शासक नहीं बन पाए एवं काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा| शेरशाह सूरी जो कि एक अफगानी शासक था, द्वारा हुमायूँ को बुरी हार का सामना करना पड़ा एवं 1556 ई. में हुमायूँ की मौत हो गई|

शेरशाह सूरी:

1540 ई. में मुगल शासक हुमायूँ को बूरी तरह हराकर शेरशाह सूरी ने मुगल शासन अपने हाथ में लिया एवं इनका शासनकाल काफी अच्छा एवं विकसित माना जाता है| शेरशाह ने 5 वर्ष तक राज किया जिसके दौरान उसने कई सराय, सड़के, एवं इमारतों का निर्माण करवाया, दिल्ली की GT रोड या ग्रैंड ट्रंक रोड का निर्माण भी शेरशाह सूरी ने करवाया था|

अकबर:

हुमायूँ के पुत्र अकबर का शासनकाल सबसे उत्तम माना जाता है| छोटी उम्र में पिता को खोने के बाद चाचा द्वारा पालन पोषण किया गया एवं मात्र 13 वर्ष की आयु में जलाल ने शासन की बागडोर अपने हाथ में ली|

अकबर ने लगभग सभी हिन्दू राजाओं से उदारता एवं मैत्री की नीति अपनाई एवं कई सन्धिया की| उन्होंने सुंदर इमारते बनाई एवं मनसबदार प्रथा एवं कर वसूली में कटौती की| अकबर ने 50 साल तक राज किया एवं उनकी मृत्यु 1605 ई. में हुई|

अकबर के समय में कई महान कलाकर उसके राज्य की शोभा बढाते थे जिन्हें अकबर के नवरत्न कहा जाता है जिसमे तानसेन, बीरबल आदि का नाम सम्मिलित है|

जहाँगीर:

अकबर के बाद उनके बेटे जहाँगीर या जिसे सलीम के नाम से भी जाना जाता है, ने राज्य भार सम्भाला किन्तु वो अपने पिता के तरह महान शासक नहीं बन सका| जहाँगीर अपनी बेगम मेहरुन्निसा से बहुत अधिक प्रेम करता था| जहाँगीर के हुक्म पर ही सिक्खों के गुरु अर्जन देव की हत्या कर दी गई जिससे सिक्खों के साथ उनके सम्बन्ध खराब हो गये| 1627 में जहाँगीर की मौत हो गई थी|

शाहजहाँ:

शाहजहाँ या खुर्रम नाम से प्रसिद्ध जहाँगीर के पुत्र ने 1628 में शासन अपने हाथ में लिया| शाहजहाँ का जन्म लाहौर में हुआ था एवं उन्हें अपनी कलाप्रेम एवं उदार नीतियों के कारण जाना जाता है|

शाहजहाँ के काल को मुगल साम्राज्य के इतिहास में स्थापत्य कला का स्वर्ण युग कहा जाता है क्योकि जितनी सुंदर एवं अद्भुत इमारते शाहजहाँ से बनवाई इतनी किसी अन्य मुगल शासक ने नहीं बनवाई|

शाहजहाँ का विवाह बानो बेगम से 1612 ई. में किया गया किन्तु प्रथम प्रसव के दौरान ही उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई|

इसके बाद भी शाहजहाँ ने कई शादियाँ की किन्तु उनकी सबसे प्रिय पत्नी मुमताज महल थी जिनकी याद में उन्होंने ताजमहल बनवाया जो कि सफ़ेद संगेमरमरी इमारत है, आज भी आगरा का प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र है| कहते है कि शाहजहाँ ने ताजमहल बनाने वाले मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे जिससे भविष्य में ऐसी इमारत फिर से न बनाई जा सके|

शाहजहाँ के 4 बेटे थे जिनके नाम थे दाराशिकोह, औरंगजेब, शाह्शुजा, एवं मुराद्बक्स एवं उनकी 3 पुत्रियाँ थी जिनके नाम थे जहाँनारा, गौहरारा, एवं रोशनारा|

शाहजहाँ के शासनकाल में युद्ध न के बराबर हुआ क्योकि उसका सारा ध्यान वास्तुकला एवं स्थापत्य कला में रहा| ताजमहल के साथ-साथ शाहजहाँ ने दीवाने आम, दिल्ली का लाल किला जिसे बनाने में 10 साल लगे, दीवान-ए-खास, मोटी मस्जिद, एवं दिल्ली की जामा मस्जिद का निर्माण करवाया|

1657 ई. में शाहजहाँ के बीमार पड़ने के बाद उनके बेटों दारा एवं औरंगजेब में गद्दी को लेकर झगड़ा प्राम्भ हो गया| औरंगजेब ने अपने ही पिता को बंदी बना लिया एवं जेल में बंद कर दिया|

अपने बड़े भाई दारा को शिकस्त देकर औरंगजेब ने सत्ता हथिया ली| शाहजहाँ ने अपने जीवन के अंतिम साल कारावास में बिताये एवं 1666 में उनकी मृत्यु हो गई|

औरंगजेब:

शाहजहाँ एवं मुमताज महल के पुत्र औरंगजेब का पूरा नाम ‘अबुल मुजफ्फर मुहियुद्दीन मुहम्मद औरंगजेब’ था जिन्होंने 1658 ई. में दिल्ली में अपना शाही राज्याभिषेक करवाया| औरगंजेब इस्लाम धर्म में यकीन रखता था एवं कट्टर सुन्नी नीतियाँ अपनाने में विश्वास रखता था|

सिक्खों के गुरु तेग बहादुर सिंह ने औरंगजेब की क्रूर नीतियों का विरोध किया इसलिए औरंगजेब ने उन्हें बंदी बनाकर उनकी जेल में हत्या करवा दी|

औरंगजेब ने हिन्दुओ पर जजिया नामक कर लगा दिया जिसे बिल्कुल पसंद नहीं किया गया|

लाहौर में औरंगजेब ने शाही मस्जिद का निर्माण करवाया एवं दिल्ली के लाल किले में मोती मस्जिद का निर्माण करवाया| अपने पिता के जैसे औरंगजेब कला प्रेमी था किन्तु उनके तरह दयालु एवं उदार नहीं था|

औरंगजेब के पास 337 मनसबदार थे जो अब तक रहे मुगल सम्राटों में सबसे ज्यादा माने जाते है|

अपने 50 वर्ष के शासन काल में औरंगजेब ने मुगल साम्राज्य को चोटी तक ले जाने के लिए हर सम्भव प्रयास किया एवं कभी समझौता नहीं किया न किसी के आगे झुका|

औरंगजेब कुरान को अधिक मानता था इसलिए उसने सिक्कों पर कलमा खुदवा दिया जिसने कई अन्य धर्मो के लोगों को नाराज कर दिया|

औरंगजेब की मृत्यु 1707 में स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण हुई| औरंगजेब के 5 पुत्र थे किन्तु उसने अपने सभी पुत्रों को शासन सम्बन्धित कोई प्रशिक्ष्ण नहीं दिया जिससे आगे चलकर उनमे से कोई भी मुगल सत्ता को सम्भाल नहीं सका एवं जल्द ही मुगल शासन का अंत नजदीक था एवं अन्य शासकों ने इस बात का फायदा उठाते हुए मुगल शासन को पूरी तरह से नष्ट कर दिया| इस प्रकार औरंगजेब को मुग़ल शासन का अंतिम शासक माना जाता है जिसके समय में मुगल शासन अपने चरम पर रहा|