किसी भी भौतिक राशि को मापने के लिए जो निर्देश मानक उपयोग किये जातें है , मात्रक कहलाते है | उदाहरण के लिए, मान लीजिये आप के पास एक पेन है , और आपकी उसकी लम्बाई नापना चाहतें है , तो इसका मान निकालने की लिए हमे पटरी की आवश्यकता होगी, जिससे हम पेन की लम्बाई का सही संख्यात्मक मान प्राप्त कर लेंगे, इसे ही मात्रक कहतें है |

भौतिक राशियां दो तरह की होती है , पहली मूल भौतिक राशि दूसरी व्युत्पन्न भौतिक राशि |

मूल भौतिक राशि :-

ऐसी राशियां जो स्वतंत्र रूप से प्राप्त की जा सकतीं है, अर्थात जिनकी गड़ना के लिए किसी और राशि की सहायता की आवश्यता न हो, मूल भौतिक राशियां कहलातीं है| उदाहरण के लिए – लम्बाई और समय | क्यूंकि लम्बाई की गड़ना के लिए हमे समय की आवश्यता नहीं है, दुसरे शब्दों में कहें तो किसी भी वस्तु की लम्बाई और समय मान निकालने के लिए ये एक दूसरे पर निर्भर नहीं करते, ये स्वतंत्र है, इन्हे ही मूल भौतिक राशि कहतें है |

व्युत्पन्न राशियाँ :-

ऐसी भौतिक राशियां जो मूल भौतिक राशियों की सहायता से परिकलित की जातीं है, अर्थात जो की मूल राशियों से उत्पन्न होती है , व्युत्पन्न भौतिक राशियां कहलातीं है | उदाहरण के लिए समय = दूरी/चाल, यहां पर समय का मान ज्ञात करने के लिए हमे चाल और दूरी का ज्ञान होना आवश्यक है, इसे ही व्युत्पन्न भौतिक राशि कहतें है |