ध्वनि या साउंड मनुष्य के जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पहलू है जो शिशु के जन्म के साथ ही शुरू हो जाता है| ऐसा माना जाता है कि ध्वनि तरंगे कभी खत्म नहीं होती एवं प्रक्रति में हर समय यह मौजूद रहती है|

ध्वनि हमारे स्वास्थ्य पर, मस्तिष्क पर काफी गहरा प्रभाव डालती है एवं कुछ प्रयोगों में यह तथ्य भी सामने आये कि पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आदि अच्छे एवं बुरी ध्वनि को सुन सकते है एवं समझ सकते है|

वैज्ञानिक अभी भी ध्वनि की शक्ति एवं प्रभावों के सम्बन्ध में खोज करने में लगे हुए है एवं उनका ऐसा मानना है कि ध्वनि के द्वारा किसी भी मनुष्य को ठीक किया जा सकता है एवं कुछ देशों में तो इसके सम्बन्ध में प्रयोग शुरू भी किया जा चुके है|

ध्वनि के बारे में कुछ रोचक तथ्य इस प्रकार है:-

ध्वनि एक प्रकार की यांत्रिक तरंग मानी जाती है जिसके संचार के लिए किसी न किसी विशेष माध्यम की आवश्यकता होती है|

सम्पूर्ण प्रक्रति में ध्वनि तरंगे विद्यमान होती है किन्तु अन्तरिक्ष में किसी प्रकार की ध्वनि तरंग नहीं होती क्योकि ध्वनि को संचरण करने के लिए मॉलिक्यूल की आवश्यकता होती है जो कि space में नहीं होते|

मानव के सुनने की क्षमता 20 हर्ट्ज़ से 20 किलो हर्ट्ज़ के बीच है जबकि इससे कही ज्यादा क्षमता कई जानवरों की होती है|

डॉलफिन पानी में रहते हुए कई किलोमीटर दूर से ध्वनि तरंग को सुन सकती है शायद इसका एक कारण यह भी है कि हवा से ज्यादा ध्वनि तरंगे पानी में तेजी से संचरण करती है|

एक मानव शिशु के रोने की आवाज 115 डेसिबल के लगभग होती है जो एक कार के हॉर्न से भी ज्यादा तेज आवाज है|

ज्वालामुखी के फटने की आवाज प्राक्रतिक रूप से पैदा हुई सबसे तीव्र ध्वनि मानी जाती है 1883 ई. में Krakatoa ज्वालामुखी विस्फोट से नाविकों के कानों के पर्दे 40 माइल्स की दूरी से फट गये थे जिससे ध्वनि की शक्ति का अंदाजा लगाया जा सकता है|

कुत्तों के ध्वनि को पहचानने की क्षमता मनुष्यों की तुलना में अच्छी होती है जबकि मक्खियाँ किसी प्रकार की ध्वनि नहीं सुन सकती|

ध्वनि की रफ्तार हवा में 1230किमी. प्रति घंटा होती है एवं स्टील से बने माध्यम से इसकी रफ्तार सबसे अधिक आंकी गई है जो कि हवा एवं पानी में ट्रेवल करने से भी ज्यादा तेज है| धातु की डेंसिटी जितनी अधिक होगी ध्वनि की रफ्तार भी उतनी ज्यादा होगी|

ध्वनि की तीव्रता को डेसिबल या पास्कल में नापा जाता है, इसकी फ्रीक्वेंसी को हर्ट्ज़ में नापा जाता है|

नींद के समय भी हमारे कान ध्वनि को सुन सकते है किन्तु हमारा दिमाग इसे सुनने या समझने में नाकाम होता है|

ब्लू व्हेल कई बार अत्यधिक तीव्र ध्वनि उत्पन्न करती है जो 188 डेसिबल तक होती है एवं जिसे 800 किमी. दूर से भी सुना जा सकता है|

उम्मीद करते है कि ध्वनि के सम्बन्ध में यह रोचक जानकारी आपको पसंद आई होगी| अत्यधिक तीव्र ध्वनि मानव एवं पशु आदि के लिए हानिकारक साबित हो सकती है अत: इसका स्तर कम ही रखा जाना चाहिए|