थर्मोकोल का वैज्ञानिक नाम Polystyrene है , यह एक प्रकार का प्लास्टिक है जिसका इस्तेमाल फ़ूड पैकेजिंग, फोम के प्लेट्स, गिलास तथा वस्तुवो को सुरक्षित रखने के लिए गद्दे के रूप में उपयोग किया जाता है।

थर्मोकोल फोम जो हम देखते हैं वह Polystyrene का एक प्रकार है जिसमे 90 % हवा भरा रहता है, Polystyrene का दूसरा रूप ठोस प्लास्टिक है जो की Polystyrene से बना हुआ हो।

ठोस Polystyrene प्राकृतिक रूप से पारदर्शी होता है, लेकिन इसमें रंग मिला कर इसका रंग बदला जा सकता है।

ठोस Polystyrene का उपयोग गाड़ियों में , CD केस , इलेक्ट्रॉनिक्स, खिलौना, किचन appliances में किया जाता है।

Polystyrene कैसे बनता है

Polystyrene बनाने के लिए styrene नामक मोनोमर को गर्म किया जाता है, जिसके फलस्वरूप styrene के छोटे छोटे कण एक दूसरे से जुड़ते चले जाते है और एक पॉलीमर की लंबी श्रृंखला ( long chain polymer ) बनती है जिसे हम Polystyrene कहते हैं।

Polystyrene का केमिकल फार्मूला (C8H8)n है।

2010 में टोटल 25 million tonnes styrene बनाया गया था।

यह पानी में घुलनशील नहीं है लेकिन acetone में घुलनशील है।

Polystyrene का खोज Eduard Simon ने सन 1839 में किया था। इसको IG Farben ने सन 1931 में commercialize किया।

Polystyrene इनर्ट ( inert  ) है इसका मतलब की यह किसी और वस्तु से react नहीं करता। यह प्लास्टिक काफी किफायती और लॉन्ग लास्टिंग भी है। यह insulating भी है, यानि की इससे बिजली का प्रवाह नहीं होता है।

इस प्लास्टिक को हम शार्ट फॉर्म में PS भी बोलते है, इसका recycle नहीं किया जाता है, क्यों की इसका recycle करके कोई खास वैल्यू प्राप्त नहीं होता , इस प्लास्टिक का उत्पाद करना काफी सस्ता है इसलिए रीसायकल के लिए इसका कोई मूल्य नहीं बचता।

यह प्लास्टिक बायोडिग्रेडेबल नहीं है, यानि की बैक्टीरिया इसे decompose नहीं कर सकते, लेकिन Mealworm नामक कीड़े इसे खाकर अपने पेट में तोड़ देते हैं।

बहुत सारे देस इस प्लास्टिक को बैन भी कर रहे है क्यों की यह हमारे पर्यावरण के लिए काफी नुकसान दायक है।