त्रिविमीय गति को समझने के लिए हमे गति का ज्ञान होना आवश्यक होता है|

अतः जब कोई पिंड या वस्तु (body) समय के साथ अपनी स्थिति बदलती है तो हम यह कह सकतें है कि वह पिंड गतिमान है, या गतिमान अवस्था में है तथा समय के साथ वस्तु की इस स्थिति में परिवर्तन को ही गति कहतें है | गतियाँ कई प्रकार की होती है, परन्तु समय के आधार पर यह तीन प्रकार की होती है | एकविमीय, द्विवीमीय तथा त्रिविमीय गति | एक विमीय में समय के साथ पिंड किसी एक अक्ष के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन करता है | और जब वह किसी दो निर्देशांक के साथ अपनी स्थित में परिवर्तन करती है द्विविमीय गति कहलाती है | और जब कोई पिंड या वस्तु समय के साथ तीनो निर्देशांकों x,y,z, की स्थिति में परिवर्तन होता है, तो यह “त्रिवीमीय गति” कहलाती हैयह वह स्थिति होती है जब वस्तु खुले में गति कर रही होती है |

जैसे – 

1# आकाश में पक्षी का उड़ना

जब कोई पक्षी खुले आकाश में विचरण कर रहा होता है, उस परस्थिति में वह तीनो अक्ष x,y.z में समय के साथ परिवर्तनशील होता है | इसे ही त्रिविमीय गति कहतें है |

2# हवाई जहाज का उड़ना

हवाई जहाज का आसमान में उड़ना भी त्रिविमीय गति का ही उदाहरण है | जब कोई जहाज आसमान में उड़ता रहता है तो उसकी स्थिति समय के साथ तीनों अक्षों में परिवर्तनशील होती है, और हमें पता है अगर कोई पिंड एक साथ तीनो अक्षों में परवर्तन करे तो वह त्रिविमीय गति में चलायमान होता है |

3# पृथ्वी द्वारा सूर्य का चक्कर लगाना

ऋतू परिवर्तन

त्रिविमीय गति को बड़े रूप में समझने के लिए यह उदाहरण बिलकुल सटीक है | वैसे तो वह अपने ही धुरी पर घुमते हुए चक्कर काटती है परन्तु हम गौर करें तो यह त्रिविमीय गति का उदाहरण है क्यूंकि जब धरती अन्तरिक्ष में सूर्य का चक्कर लगाती है तो वह वि तीन निर्देशांको x, y तथा z में समय के साथ अपनी जगह परिवर्तित करती रहती है|

4# पतंग का आकाश में उड़ना

पतंग उड़ाना किसे अच्छा नही लगता, अगर कभी पतंगबाजी करते समय आपने ध्यान दिया होगा तो, देखा होगा की पतंग स्वछन्द आसमान में ऊपर- नीचे, दायें- बाये विचरण करती है| और यह भी त्रिविमीय गति के सारे नियमों का पालन करती है| अतः यह भी त्रिविमीय गति का अच्छा और प्रसिद्ध उदाहरण है |