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ठोस अपशिषट का अर्थ प्राय: घरों एवं व्यवसायिक संस्थाओ से निकलने वाले कचरे से है, जो कि प्लास्टिक की बोतलें, कपडे, डब्बे, प्लास्टिक की थैलिया आदि के रूप में घर से बाहर फेंका जाता है, अथवा कचरापात्र में डाला जाता है| इसी को ठोस अपशिष्ट कहा जाता है|

ठोस अपशिष्ट को कम करने एवं नष्ट करने के लिए नगरपालिका द्वारा विभिन्न प्रकार के प्रबन्ध किये गए है, जिसके अंतर्गत अपशिष्ट पदार्थो का निपटान, पुनर्चक्रण, निकास एवं भस्मीकरण आदि पद्वतियो का सहारा लिया गया है| ठोस अपशिष्ट पदार्थो के अंतर्गत खाद्य अपशिष्ट जैसे बचा हुआ खाना, अंडे, छिलके, मांस, हड्डियों के टुकड़े, एवं अन्य ठोस वस्तुए जैसे कोई धातु, लकड़ी, प्लास्टिक के डब्बे, कांच की बोतले आदि सम्मिलित है|

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन:

पर्यावरण को सुरक्षित रखने एवं मानव स्वास्थ्य हेतु ठोस अपशिष्ट का प्रबंधन अनिवार्य है, इसीलिए सरकार द्वारा इस दिशा में विभिन्न प्रयास किये जाते है| ठोस अपशिष्ट को नष्ट करने के लिए जिन प्रणालियों का उपयोग किया जता है, वह इस प्रकार है:-

  • कचरे को विभिन्न स्थानों से इकठा करके उसका निपटान किया जाता है|
  • ठोस अपशिष्ट पदार्थो को नष्ट करने के लिए भस्मीकरण प्रणाली के द्वारा जलाकर राख कर दिया जाता है|
  • प्लास्टिक एवं कांच की बोतलों को पुन:परिष्करण प्रणाली के द्वारा फिर से उपयोग के काबिल बनाया जाता है|
  • गीले कचरे एवं खाद्य अपशिष्ट एवं जैविक अपशिष्ट पदार्थो को मिलाकर जैविक खाद तैयार की जाती है, जो मिटटी को उपजाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है|
  • विभिन्न धातु कचरे को फिर से उपयोग के लिए उसमे से सीसा, पारा आदि निकाल लिए जाते है|