Last updated on मार्च 23rd, 2018 at 01:38 अपराह्न

ज्वालामुखी किसी ग्रह या चन्द्रमा के सतह पर मौजूद वह मुख है जहा से गरम पदार्थ जैसे लावा , मैग्मा ,गैस और राख बाहर निकलते हैं। ये निकले हुए पदार्थ अपने आस पास के मौजूद पदार्थ से काफी गरम होते हैं। ज्वालामुखी से निकले हुए पदार्थ अक्सर एक पहाड़ का रूप ले लेते हैं।

जब ये पदार्थ ज्वालामुखी से बाहर निकलते हैं तो एक विस्फोट होता है और सारे पदार्थ इधर उधर और आसमान में फ़ैल जाते हैं। लेकिन हमेशा ऐसा नही होता कोई कोई ज्वालामुखी शांत भी होते हैं। उनसे निकला पदार्थ बहोत ही धीमी गति से बहार निकलता है और विष्फोट नही होता।

ज्वालामुखी के प्रकार

  1. सक्रिय या जाग्रत (Active)
  2. सुषुप्त या निद्रित (Dormant)
  3. मृत (Extinct)

सक्रिय ज्वालामुखी – सक्रिय ज्वालामुखी वह हैं जो हाल ही में फटा है और आगे भी फट सकता है कभी भी।

सुषुप्त या निद्रित ज्वालामुखी – ये ज्वालामुखी अब फटते नही हैं लेकिन भविष्य में इनकी फटने की संभावना रहती है।

मृत ज्वालामुखी – ये ज्वाला मुख अब कभी नही फटेंगे। ये मृत हो चुके होते हैं।

ज्वालामुखी विस्फोट के कारण

ज्वालामुखी विस्फोट का कारण प्लेट विवर्तनिकी है इस सिद्धांत के अनुसार भूपर्पटी और भूप्रावार के ऊपरी हिस्से जो लगभग ८० से १०० किलोमीटर मोटी परत होती है, इन्हे प्लेट कहा जाता है। ये प्लेट एस्थेनोस्फीयर की अर्धपिघलित परत पर तैर रहीं हैं और 10-40 मिमी/वर्ष से लेकर 160 मिमी/वर्ष की गति से गतिशील हैं। भूपर्पटी पर मौजूद इन प्लेटो की सीमाएं, विभंग उत्पन्न करने में सहायक होतीं हैं।

जब ये प्लेटें एक दूसरे  टकराती हैं तो कभी कभी पहाड़ का रूप ले लेती हैं, कभी भूकंप के रूप में इनका अहसास होता है तो कभी ज्वालामुखी का रूप ले लेतीं हैं।

कभी कभी पृथ्वी के सतह के निचे की पत्थर अधिक दबाव, गर्मी या भूप्रावार से टकराने के बाद पिघल जाती है और यही पिघली हुए चट्टानें  ज्वालामुखी द्वारा बहार निकल आती हैं। इनमे पत्थर के साथ साथ गैसों का भी मिश्रण होता है।

क्या ज्वालामुखी सिर्फ पृथ्वी पर ही पाया जाता है ?

जी, नहीं ज्वालामुखी दूसरे ग्रहो और चन्द्रमाओ पर भी पाया गया हैं। हमारे सौर मंडल के बहोत सारे ग्रहो पर इस समय बहोत सारे ज्वालामुखी मौजूद हैं और फट भी रहें हैं। मंगल ग्रह पर मृत ज्वालामुखी पाया गया है। वृहस्पति , शनि के चन्द्रमाओ पर इस समय भी ज्वाला मुखी फट रहें हैं।