जैवमंडल का साधारण भाषा में अर्थ उस स्थान या भाग से है, जहा जीव निवास करते है और अपनी संख्या को बढाते है, इसे जैवमंडल कहा जाता है| जैवमंडल के अंतर्गत स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल के सभी जीवों का समावेश होता है|

जैवमंडल का विस्तार समुंद्र के भीतर ११ किमी तक गहरा, एवं धरती पर १७ किमी ऊपर तक आँका गया है, तथा इसकी मोटाई २८ किमी तक नापी गई है| इसी घेरे के अंदर सभी प्रकार के जलीय, स्थलीय एवं नभचर जीव एवं पेड़-पौध सम्मिलित है| और केवल पृथ्वी ही अकेला ऐसा ग्रह है, जहाँ जैवमंडल का अस्तित्व पाया गया है एवं जैवमंडल का सबसे प्रमुख प्राणी मनुष्य को कहा गया है|

जैवमंडल के प्रमुख घटक:

जैवमंडल के प्रमुख घटकों को तीन भागो में बांटा गया है:-

  • अजैविक घटक:

अजैविक घटकों के अंतर्गत वातावरण में पाए जाने वाले खनिज, विभिन्न प्रकार की गैसे, पोषक तत्व एवं अन्य तत्व शामिल है, जो सजीवो के पोषण के लिए आवश्यक है|

  • जैविक घटक:

जैविक घटकों के अंतर्गत सभी प्रकार के पौधे, पादप, जानवर, सूक्ष्म जीव आदि सम्मिलित किये गए है| अर्थात इसे जीव जो पर्यावरण में रहकर अपना पालन-पोषण करते हैं, एवं प्रजनन के द्वारा अपनी संख्या में वृद्धि करते है|

  • ऊर्जा घटक:

ऊर्जा घटक के फलसवरूप सूरज को ऊर्जा का प्रमुख स्त्रोत माना गया है, जिससे सभी जीवो को जीवित रहने के लिए पर्याप्त ऊर्जा एवं पौधों को अपना भोजन बनाने के लिए प्रकाश मिलता है| ऊर्जा के बिना कोई भी जीव जिन्दा नहीं रह सकता, अत: सूर्य भी जैवमंडल का प्रमुख घटक है|