आप सब ने कभी न कभी गांव में या फिर जंगलों में जुगनुओं को चमकते  हुए जरूर देखा होगा। इनकी जादुई चमक हम सब को बहुत लुभाती है, और आश्चर्य में भी डालती है की आखिर कोई जीव प्रकाश कैसे उत्पादित कर सकता है ?

आप में से कई इस विषय पर कोई न कोई राय जरूर रखतें होंगे । और कुछ को शायद नहीं पता होगा परन्तु क्या इसके पीछे का वैज्ञानिक तर्क आप को पता है? और जो आप को पता है वास्तव में सत्य है या नहीं ?

इस ब्लॉग में मै आपसे जुगनुओं के चमकने का वास्तविक कारण साझा करूँगा |

यह जानने से पहले की जुगनू कैसे जलते है? मै यह बताना चाहूंगा की आखिरकार जुगनूं क्यों जलते है ?

जुगनूं  के चमकने की  दो सामान्य वजहें है – पहली अपने साथी  को लुभाने के लिए  और दूसरी अपने  लिए भोजन ढूढ़ने के लिए । और आपने देखा होगा की कुछ जुगनूं उड़ते हुए चमकते रहतें है  तो कुछ एक ही स्थान पर | रोचक बात यह है की जो मादा जुगनूं होती है उसके पंख नहीं होतें  अतः वह एक स्थान में बैठकर चमकते रहतें है वही नर जुगनूं उड़ते हुए भी चमकते रहतें है । जुगनुओं का पसंदीदा घर पेड़ की छालें होती है जहां वह अंडे भी देतें है यही कारण है की ये शहरों में नहीं दिखाई पड़ते है ।

अब मुद्दे की बात करतें है की जुगनूं कैसे चमकते है ?

सबसे पहले वैज्ञानिक रॉबर्ट ने एक चमकने वाले कीट की खोज की जिसे हम जुगनूं कहतें है । पहले कुछ शोधकर्ताओं का कहना था की जुगनूं अपने शरीर में उपस्थित फास्फोरस की वजह से  प्रकाश उत्पादित करतें है परन्तु, इस तथ्य को कुछ वैज्ञानिकों ने अमान्य कर एक नया सिद्धांत पेश किया ।

इटली के कुछ जंतु वैज्ञानिकों की टीम ने जुगनुओं का नजदीकी अध्यन किया और उन्होने बताया की इनका चमकना फास्फोरस की वजह से नहीं बल्कि इनके शरीर में उपस्थित एक प्रोटीन जिसे “ल्युसिफेरेस” (luciferase ) कहतें है की उपस्थिति के कारण होता है । जुगनुओं के शरीर में एक खास अंग होता है जहां ल्युसिफेरेस प्रोटीन और  ऑक्सीजन मिलते है तो एक रासायनिक क्रिया होती है और यह तेजी से प्रकाश छोड़ते है । वैज्ञानिकों को यह नहीं पता की आखिर यह अपने प्रकाश को नियंत्रित कैसे करतें है ? पर उन्होंने इस बात का पर्दाफाश कर लिया की यह चमकते कैसे है ।

सभी जुगनुओं का चमकने का तरीका अलग होता है और इनके प्रकाश का रंग हरा,पीला और लाल रंग का मिश्रण होता है ।