पेड़ पौधों की दुनिया भी बड़ी विचित्र होती हैं, वन्य जीव, पेड़ पौधे और मनुष्य मिलकर पारिस्थितिक तंत्र का इस्तेमाल करते हैं| यही तंत्र आगे चलकर जीवन चक्र के प्रति उत्तरदायी होता हैं |कुदरत ने हर एक पौधे को कुछ ख़ास विशेषताओ और खूबियों से नवाज़ा हैं जो उन्हें एक दूसरे से एक अलग पहचान प्रदान करने में सहायता करते हैं|

ऐसा ही एक पौधा हैं जिसे आम बोलचाल की भाषा में छुई मुई का पौधा कहा जाता हैं,इस पौधे का वैज्ञानिक नाम मिमोसा पुडिका कहा जाता हैं |इस पौधे की विशेषता यह हैं की किसी भी स्पर्श के संपर्क में आने पर यह सिकुड़ जाता हैं,यहाँ तक की इसके समीप अगर जोर से शोर मचाया जायें तो भी यह अपनी पत्तियों को एकत्रित करते हुए सिकुड़ जाता हैं| वानस्पतिक विशेषज्ञों के अनुसार इस पौधे में मौजूद कुछ रसायन जिम्मेदार हैं जो इस तरह से काम करते हैं |

जब बाहरी रूप से इस पौधे पर कोई भी हरकत होती है, तो पौधे के कुछ क्षेत्रों में पौधे के शरीर के भीतर मौजूद पोटेशियम आयनों सहित विभिन्न रसायनों की रिहाई होती है,ये रसायनों पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स कोशिका से बाहर आते हैं और फैलते हैं, जिसके परिणामस्वरूप सेल दबाव कम होता है जो पत्तियों को बंद कर देता है|

ऐसा देखा गया हैं की इस पौधे का जो भाग पहले स्पर्श होता हैं उसी भाग की पत्तियां पहले मुरझा जाती हैं| यही कारण हैं यह पौधा जानवरों द्वारा खाये जाने बच जाता हैं| पशु द्वारा स्पर्श होने पर यह सिकुड़ जाता हैं और पशु इसे मृत पौधा समझ कर खाने से परहेज कर लेते हैं| एक और मज़ेदार बात जो आपको जाननी चाहिये वह यह हैं, कुछ वैज्ञानिकों का ऐसा मानना हैं की यह पौधा इंसानो की भांति सोता भी हैं|