परिभाषा : गतिज उर्जा वह उर्जा है जो किसी भी वस्तु के चलायमान या गतिमान होने से उत्पन्न होता है। वस्तु में गति उसके रेखीय वेग अथवा कोणीय वेग अथवा दोनों के कारण हो सकती है। गतिज उर्जा का मान उस वस्तु को विरामावस्था से वेग में लाने के लिए किये गए कार्य के बराबर होता है। यदि किसी वस्तु का गतिज उर्जा E है तो उसे विरामावस्था में लाने के लिए E के बराबर ऋणात्मक कार्य करना पड़ेगा।

आज मै आपको गतिज ऊर्जा के बारे में बताऊंगा | गतिज ऊर्जा यानि की काइनेटिक एनर्जी, इसको इस उदाहरण की सहायता से समझने का प्रयास करतें है –

एक गेंदबाज (आप उसे मान लीजिये जो आपका पसंदीदा हो ) मलिंगा अभी नेट प्रैक्टिस कर रहें है| अब जब मलिंगा गेंद फेंकते है तो , गेंद स्टंप को गिरा देती है | तो आप मुझे बताइये की स्टंप को गिराने के लिए सबसे पहले हमें किस चीज की आवश्यकता होती है ? तो वह है बल जो की स्टंप को गिराने के लिए चाहिए |

तो यहां जो गतिमान गेंद है वह निश्चित मात्रा में स्टंप पर बल लगा रही है | और जिससे स्टंप थोड़ी दूर तक चलायमान हो जाता है | अतः हम कह सकतें है की जो स्टंप के मूवमेंट (हिलना) का काम था वह गेंद के मूवमेंट (हिलना) के कारण हुआ था |

हम देखतें है की काम सिर्फ उस वस्तु द्वारा सम्भव है जिसके पास ऊर्जा हो | क्यूंकि आपको पता होगा की ऊर्जा क्या होती है | यहां चलती हुई गेंद में प्राप्त एनर्जी के इस रूप को मकेनिकल एनर्जी (यांत्रिक उर्जा )  कहते हैं | इसलिए इस विशेष केस में, जहां ऊर्जा मुख्य रूप से गेंद के द्वारा इसके गति से प्राप्त की जाती है, जिसे हम गतिज ऊर्जा कहतें है | गतिज ऊर्जा एक प्रकार से मैकेनिकल ऊर्जा (यांत्रिक उर्जा) हैं  जिसका गुण इसकी गतिवान अवस्था होती है |

नोट : मैकेनिकल एनर्जी , गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा दोनों के सम्मिलन से पैदा होता है।  हिंदी में हम मैकेनिकल एनर्जी को यांत्रिक उर्जा कहते हैं जो की गतिज उर्जा और स्थितिज ऊर्जा, दोनों के योग से बनता है।

अब मेरे एक प्रश्न का उत्तर दीजिये – की एक खिलाडी दौड़ रहा है तो क्या इसके पास गतिज ऊर्जा है या फिर नहीं ? और विकल्प हैं –

१. हाँ , खिलाडी के पास गतिज ऊर्जा है ,

२ . नहीं , खिलाडी के पास गतिज ऊर्जा नहीं है |

तो हम कैसे पता करें?

ये तो हम जानतें है की प्रश्न में जो खिलाडी है वह दौड़ रहा है, तो हम कह सकतें है की खिलाडी के पास गतिज ऊर्जा (काइनेटिक ऊर्जा)  है | तो इस प्रश्न का उत्तर है की यदि हम किसी भी वस्तु को खिलाडी के रास्ते में रख देंगे, तो आप देखेंगे की जैसे ही खिलाडी इससे टकराता है तो वस्तु दूसरी ओर हट जाती है या अपने स्थान से दूर हो जाती है | तो ये दौड़ता हुआ खिलाडी किसी भी बाधा को उसकी वास्तविक जगह से हटाने में सक्षम है | तो हम यह कह सकतें है की खिलाडी के पास वस्तु पर कार्य करने का सामर्थ्य है इस प्रकार हम कह सकते हैं की इस खिलाडी के पास कुछ मात्रा में गतिज ऊर्जा (काइनेटिक एनर्जी) है |