प्रोटीन पाउडर को दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, अण्डे, चावल, मटर आदि प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों से निर्मित किया जाता है। यह सीधे खाद्य पदार्थों से प्रोटीन न लेकर पाउडर के जरिये अप्रत्यक्ष रूप से प्रोटीन ग्रहण करने का स्त्रोत  है।

यदि हमारे शरीर में पर्याप्त प्रोटीन है और फिर भी हम प्रोटीन पाउडर का अधिक उपयोग करे तो यह कहीं न कहीं दुष्परिणाम दे सकता है। प्रत्येक खाद्य पदार्थ कुछ गुणवत्ता लिए हुए होता है, परन्तु आवश्यकता से अधिक सेवन करना नुकसानदायी भी हो सकता है। अतः प्रोटीन पाउडर के फायदे भी है और नुकसान भी, जो हम आगे इस लेख में आपको बताने जा रहे हैं- 

प्रोटीन पाउडर के फायदे:

शारीरिक व्यायाम व कसरत के पश्चात मांसपेशियों में आई जकड़न को दूर करने व  मजबूत बनाने के लिए व शरीर में प्रोटीन के उचित स्तर को बनाये रखने के लिए प्रोटीन पाउडर का सेवन करना चाहिए।

प्रोटीन पाउडर भूख पर नियंत्रण रखने के लिए भी उपयोगी होता है। इससे पर्याप्त मात्रा में कैलोरी मिलती है तथा भूख कम होने से वजन कम करने में सहयोगी होता है।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं व गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य के लिए प्रोटीन पाउडर एक अच्छा विकल्प है।

इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों का सीधे तौर से सेवन करना पसन्द नही करते या दूध, दही से एलर्जी करते हैं, तो ऐसे में प्रोटीन पाउडर का सेवन करना बेहतर होता है।

प्रोटीन पाउडर के नुकसान:

प्रोटीन पाउडर यदि शारीरिक नुकसान पहुँचाने पर आये तो यह पेट सम्बन्धी समस्याएँ जैसे गैस, आँतो की सूजन, पाचन क्षमता पर प्रभाव आदि पैदा हो सकती है।

प्रोटीन पाउडर से हॉर्मोन में असन्तुलन पैदा होता है जो कई गुप्त रोगों का कारण बन सकता है और प्रजनन क्षमता पर भी विपरीत प्रभाव डालता है। 

कई शोधों में यह बात सामने आई है कि कुछ प्रोटीन पाउडर ऐसे भी पाये गए हैं जिनमें कैंसर कारक तत्वों की मौजूदगी है। इसके सेवन से कैंसर होने का खतरा होता है।

इसके अतिरिक्त आजकल बाज़ार में मिलने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट की खबरें सुनना आम बात हो गयी है। हमें आसानी से बाजार निर्मित सभी प्रकार के विभिन्न कम्पनियों के प्रोटीन पाउडर मिलते हैं, जिनमें कुछ नुकसानदायी तत्वों से भी युक्त हो सकते हैं।

उपर्युक्त सारे लेख से यह बात स्पष्ट होती है कि जहाँ उचित गुणवत्ता वाले प्रोटीन पाउडर की सही मात्रा में सेवन करना फायदेमन्द हो सकता है, वहीं खराब तत्वों से बने या आवश्यकता से अधिक मात्रा में सेवन करना हानिप्रद भी सिद्ध हो सकता है|