Voyager 1 (वायेजर 1 ) जो की १९७७ में नासा द्वारा, ब्रह्माण्ड में दुसरे ग्रहों को ढूंढने के लिए छोड़ा गया था, अब वह ब्रह्माण्ड में एक ऐसा मानव निर्मित वस्तु है जो की पृथ्वी से सबसे दूर चला गया है।

यह उपग्रह आज भी काम कर रहा है और पृथ्वी पर बैठे लोगो को सन्देश भेजते रहता है। वायेजर 1 का अब पॉवर सप्लाई कम हो रहा  है और ऐसा माना जा रहा है २०२५ तक वायेजर 1 पृथ्वी पर सन्देश भेजना बंद कर देगा।

फरवरी २०१८ की डाटा तो माने तो वायेजर 1 पृथ्वी से २१ बिलियन किलोमीटर दूर जा चूका है।

नासा ने १९७० से ही दुसरे ग्रहों के बारे में जानकारी इकठ्ठा करना सुरु कर दिया था। वायेजर 1 को जुपिटर, सैटर्न और प्लूटो के बारे में जानकारी इकठ्ठा करने के लिए बनाया गया था लेकिन बाद में इसे सैटर्न का मून टाइटन तक के लिए डिजाईन किया गया।

वैसे तो अब वायेजर 1 हमारे सौर मंडल से काफी दूर जा चूका है और उसका अब कोई अगला ठिकाना नही है लेकिन नासा कहता है की वायेजर 1 हमारे आकाश गंगा में घूमते रहेगा हमेशा के लिए और आज से 40,000 साल बाद एक नजदीकी तारा Gliese 445 ( ग्लिएस ) से होकर गुजरेगा जो की 1.6 लाइट इयर की दुरी पर रहेगा।