प्रत्येक व्यक्ति के जन्म के साथ ही उसके भोजन का आधार दूध होता है। शिशु का जन्म होते ही उसकी माँ का दूध ही प्रथम आहार होता है। 

दुनिया में शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो दूध के स्वाद से अनभिज्ञ हो।

शारीरिक विकास के लिए दूध को अत्यधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इसी के साथ-साथ दूध अन्य बहुत से गुणों से भरपूर होता है। 

इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, प्रोटीन व कई विटामिन भी पाये जाते है।

गाय, भैंस, बकरी, भेड़, ऊँटनी आदि कई भिन्न-भिन्न दुधारू पशुओं के दूध में भिन्न-भिन्न पोषक तत्वों के समावेश होता है, जो हमारे शरीर को लिए अलग-अलग रूप में स्वास्थ्य प्रदान करने में उपयोगी होता है। 

दूध भी अलग-अलग प्रकार का होता है-

पूर्ण दूध- यह वसा युक्त दूध होता है। इसमें संघटन हेतु किसी क्रिया का उपयोग नही किया जाता है।

स्टेण्डर्ड दूध- इसमें कुछ क्रियाओं का उपयोग करके दूध में पायी जाने वाली वसा को कम किया जाता है।

टोन्ड दूध- पूर्ण दूध में पानी व पाउडर मिलाकर वसा का अनुपात निर्धारित किया जाता है।

रिकम्बाइंड दूध- पाउडर, पानी व बटर ऑयल के मेल से यह दूध तैयार किया जाता है।

फिल्ड दूध- दूध की सारी वसा को निकाल कर वसाहीन कर दिया जाता है।

रिकन्स्टिट्यूटेड दूध- इसमें थोड़ा सा पाउडर (एक भाग) व अधिक पानी (7 भाग)के मेल से दूध तैयार किया जाता है।

प्रोटीन मनुष्य शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्व है। इसकी अल्पता से शरीर के विकास में बाधा उत्पन्न होती है व शारीरिक वृद्धि अवरुद्ध होती है।

प्रोटीन की कमी मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बनती है। प्रोटीन कुल 20 तरह से एमिनो अम्ल से युक्त होता है, जिसमें से 8 तो हमें भिन्न-भिन्न खाद्य पदार्थों से ग्रहण करने पड़ते हैं और बाकी के 12 एमिनो अम्ल शरीर के भीतर ही निर्मित होते हैं।

हम आपको दूध में पाये जाने वाले प्रोटीन के स्त्रोत के सम्बन्ध में जानकारी उपलब्ध करवाना चाहते हैं। चूँकि हमारे इस लेख का मुख्य विषय है- प्रोटीन युक्त दूध, अतः भिन्न-भिन्न पशुओं में पाये वाले गुणों के बारे में व्याख्या आगे दी गयी है जो इस प्रकार है:-

गाय का दूध- गाय के एक कप दूध में लगभग 8 ग्राम प्रोटीन मौजूद रहता है। प्रोटीन के अलावा विटामिन डी व कैल्शियम भी पाया जाता है। गाय को भारत में पूजनीय माना जाता है तथा इसके दूध को भी सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि गाय बुद्धिमान होती है तथा इसका दूध ही रोज़ाना सेवन हेतु मनुष्य के लिए उचित माना गया है। यह जल्दी पचता है एवं हल्का होता है|

बकरी का दूध- गाय के दूध की अपेक्षा बकरी के दूध में अधिक प्रोटीन पाया जाता है। बकरी के एक कप दूध में लगभग 8.7 ग्राम प्रोटीन मौजूद रहता है। इसके अलावा इसमें कई विटामिन, कैल्शियम, खनिज पदार्थ व फास्फोरस आदि अनेक पोषक पदार्थों से भरपूर होता है। यह शारीरिक बल प्रदान करता है तथा नीरोगी होता है। यह जल्दी पचने वाला दूध है।

भैंस का दूध- यह गाय की दूध की अपेक्षा अधिक चिकनाई युक्त होता है। भैंस का दूध शारीरिक बल में वृद्धि करने में सहायक होता है। इसमें भी प्रोटीन व विटामिन प्रचुरता में मिलते हैं। गाय के दूध की तुलना में भैंस के दूध में 11 प्रतिशत अधिक प्रोटीन पाया जाता है। भारी होने के कारण भैंस का दूध पचने में कुछ समय लेता है

भेड़ का दूध- यह अत्यधिक गाढ़ा होता है। इसमें हल्का नमकीन स्वाद होता है। इसमें भी बहुत से खनिज पदार्थों, विटामिन, पोषक तत्वों का समावेश रहता है। यह प्रोटीन युक्त होता है। भेड़ के एक कप दूध में लगभग 14.7 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। सर्वाधिक प्रोटीन भेड़ के दूध में ही पाया जाता है।

ऊँटनी का दूध- यह अत्यन्त लाभकारी व रोग-प्रतिरोधक होता है। इसमें बहुत से पोषक तत्व, कैल्शियम, विटामिन, प्रोटीन आदि मौजूद रहते हैं तथा यह अनेक गुणों से युक्त रहता है। इसके अतिरिक्त यह सौंदर्यवर्धक भी होता है।

पी मिल्क- इसे किसी पशु द्वारा प्राप्त नही किया जाता। सभी प्रकार के दूध से भिन्न यह मटर का दूध होता है। इसे “पी प्रोटीन” भी कहते हैं। यह दूध के प्रोटीन का अन्य मुख्य स्त्रोत है। कुछ लोगों को शुद्ध दूध से एलर्जी होती है या दूध पचने में समस्या पैदा होती है तो उनके लिए मटर का दूध अत्यन्त फायदेमंद होता है। प्रोटीन के अलावा यह अनेक पोषक तत्वों के गुणों से युक्त होता है, जो हमारे शरीर की सेहत बनाये रखने में भी उपयोगी है। 

प्रोटीन के लाभ:-

प्रोटीन से हमारी मांसपेशियों में मजबूती आती है तथा शारीरिक बल बढ़ता है|

प्रोटीन से शरीर के भीतर बनने वाले जहरीले तत्व नष्ट होते हैं|

यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करता है, जिससे रोगों से लड़ने में सहायता मिलती है|

प्रोटीन से हमारे शरीर की पाचन शक्ति मजबूत होती है|

बालों व त्वचा की सुन्दरता में भी प्रोटीन अत्यन्त उपयोगी होता है|