आज के वक़्त में कंप्यूटर एक जरूरत बन चुका है जिसका लगभग हर क्षेत्र में उपयोग होता है। चाहे आप को कोई बुकिंग करनी हो या किसी प्रकार की जानकारी को प्राप्त करना हो। हर जगह कंप्यूटर का उपयोग होता है और हो भी क्यो न कंप्यूटर्स ने हमारी के परेशानियों को चुटकी में जो हल कर देता है।

कंप्यूटर एक ऐसा डिवाइस है जो हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की मदद से चलता है। और इसका इस्तेमाल हम किसी प्रकार के डेटा को स्टोर और सेंड करने के लिए करते है। पर सबसे पहले कंप्यूटर को इतनी सारी चीज़ों को करने के लिए नही बनाया गया था जितनी चीज़ें हम आज के वक़्त में अपने कंप्यूटर पर करते है। सबसे पहले कंप्यूटर को केवल गणना करने के लिए बनाया गया था ताकि बड़ी संख्याओं की गणना आसानी से हो सके। सबसे पहले कंप्यूटर का आविष्कार चार्ल्स बब्बगे को माना जाता है। क्योकि सबसे पहले उन्होंने ही प्रोग्रामेबल कंप्यूटर डिज़ाइन तैयार किया था।

सन 1882 में चार्ल्स बब्बगे ने डिफरेंशिअल इंजन नाम के कंप्यूटर का आविष्कार किया था पर प्रयाप्त पैसो न हो पाने की वजह से यह पूरा नही हो सका था। इसके बाद इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंप्यूटर को संयुक्त राष्ट्र के नेवी ने बनाया था। इसका नाम तारपीडो डेटा कंप्यूटर रखा गया था। इसके बाद 1939 में पहली बार वैक्यूम ट्यूब्स का इस्तेमाल किया गया जो कि कॉनराड जूस ने Z2 कंप्यूटर में किया तथा यह सबसे पहला इलेक्ट्रो मैकेनिकल कंप्यूटर था। एक अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. हारवर्ड माइकल ने 1944 में हारवर्ड विश्वविद्यालय में कंप्यूटर की स्थापना की जिसका नाम मार्क-1 था। इसके बाद बेल लेबोरटरी में 1947 में ट्रांजिस्टर का आविष्कार किया था।

यह एक स्विच की तरह काम करता है जो कि सर्किट को ऑन या ऑफ करता है। तथा यह एंपलीफायर की तरह भी कार्य करता है। जैसे ही ट्रांजिस्टर का उपयोग कंप्यूटर की दुनिया मे होने लगा तभी से कंप्यूटर की दुनिया मे बदलाव आने शुरु हो गए और जो कंप्यूटर्स किसी वक़्त में लगभग एक कमरे के बराबर होते थे वो अब छोटे हो गए थे। और इसके बाद माइक्रोप्रोसेसर आ गए और फिर इनका इस्तेमाल कंप्यूटर्स में होने लगा जिससे कि कंप्यूटर्स की दुनिया पूरी तरह से बदल गयी और कंप्यूटर्स की डेटा प्रोसेसिंग स्पीड भी काफी बढ़ गयी था कंप्यूटर्स का प्राइस भी कम हो गयी।