आज कल हम लोग कह़ी पर आने जाने के लिए गाड़ियों का इस्तेमाल करते है चाहे वो बस हो, कार हो या फिर कोई अन्य साधन।

पर क्या आप को पता है कि इन सब की शुरुआत कब हुई थी। आप आज के वक़्त में जो वाहन देखते है यह सब या तो गैस पर चलती है या फिर पेट्रोल या डीज़ल पर और अब तो इलेक्ट्रिक वाहन भी बाजार में आ गए है। पर शुरूआती दौर में ऐसा नही था।

उस समय तो केवल भाप वाले इंजन होते थे। सबसे पहले जो कार बनाई गई थी, वह भाप इंजन के द्वारा चलती थी। जैसे कि शुरूआती दौर में रेल गाड़ियाँ चलती थी।

पर जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे लोगो ने इस पर परीक्षण किए और तब जाकर आज हमे पैट्रोल और डीज़ल से चलने वाली गाड़िया मिली है।

कार्ल बेंज एक ऐसे व्यक्ति है जिन्होंने ऑटोमोबाइल को पहली बार बनाया था। लेकिन इतिहास में ऐसे भी कई लोग है जिन्होंने कार के बारे में बताया था।

किंतु अगर आज के वक़्त में हम मॉडल कार्स के आविष्कार की बात करे तो सबसे पहले कार्ल बेंज (karl benz) ने तीन पहिए वाली कार का पेटेंट सन 1886 में करवाया था जो कि वास्तविक में एक कार थी।

कार्ल बेंज ने कार के साथ साथ कई और चीज़ों का भी पेटेंट करवाया था जो थी थ्रोटल सिस्टम, स्पार्क प्लग, गियर शिफ्टिंग, पानी वाला रेडिएटर और कार्बोरेटर जो कि ये सभी चीज़े किसी ऑटोमोबाइल को बनाने के लिए बुनियादी जरूरत होती है।

कार्ल बेंज ने एक कंपनी भी बनाई थी जिसका नाम डियामलेर ग्रुप है जो कि आज भी मौजूद है। और जो सबसे पहली कार बनाई गयी थी उसका नाम मोटर वैगन (motorwagon) था।

जुलाई 1886 में बेंज ने अपने वाहनों का प्रचार किया और लगभग 1888 से 1893 के बीच मे 25 बेंज वाहन बिके थे।