इस जानवर का नाम है “कंगारू रैट”

जी हाँ आपने सही सुना इस दुनिया में बहोत ही अजीबो गरीब चीजे हैं लेकिन कुछ ऐसा भी चीज़ है जिसपर की यकीन करना मुस्किल है जैसे की कभी पानी नही पीने वाला जानवर।

कंगारू रैट एक चूहे का प्रजाति है जो बहोत छोटा होता है और नार्थ अमेरिका में ज्यादा पाया जाता है। इस जानवर के चार पैर होते हैं चुकी इसका पीछे वाला पैर काफी बड़ा होता है इसलिए इसका नाम कांगरू चूहा रखा गया है क्यों की कन्गरूओ का भी पीछे वाला पैर काफी बड़ा होता है।

फोटो सोर्स : फ्लिकर

इस छोटे से जानवर का वजन 70 से 170 ग्राम हो सकता है। इसका पूंछ काफी बड़ा होता है। यह जानवर भूरे रंग का होता है और खास बात यह है की ये चूहा बिलकुल कंगारूओं की तरह दौड़ता है। यह एक बार में ६ से ९ फ़ीट का छलांग लगता है और १० फ़ीट पर सेकंड की रफ़्तार से दौड़ता है।

कंगारू रैट ऐसी जगहों में रहता है जहा की मिटटी मुलायम हो क्यों की वहां इसे गड्ढे और बील बनाने में आसानी होती है।

ये ऐसी जगहों में रहते हैं  जहाँ बारिश काम पड़ती हो। चुकी कंगारू रैट सूखे इलाको में रहते हैं इसलिए पानी बचाने की आवश्यकता पड़ती हैं।कंगारू रैट  को कभी पानी पीने की आवश्यकता नहीं पड़ती ये जो बीज़ खाते हैं उसका मेटाबोलिक ऑक्सीडेशन करके उसी से पानी प्राप्त कर लेते हैं इन्हे अलग से पानी पीने की कभी जरूरत नहीं पड़ती।

कंगारू रैट को बीज़ जमा करते हुए देखा गया है ये बीज़ जमा करते हैं और फिर बाद  में उसे खाते हैं।

ये अपना बिल बहोत ही शानदार तरीके से बनाते हैं। बिल में अलग अलग चैम्बर होता है जैसे की सोने के लिए अलग चैम्बर ,  रहने के लिए अलग चैम्बर और खाना रखने के लिए अलग चैम्बर जिसमे ये बिज़ जमा  करते हैं।  ये वैसे कीड़े मकोड़े भी खाते हैं। और अक्सर आंधी तूफान में बिल में चले जाते हैं। बिल भी ऐसे जगह पर बनाया  जाता है जहाँ वह सुरक्षित हो।

चुकी ये रेगिस्तानी इलाको में रहते हैं इसलिए इनका बिल इन्हे रेगिस्तानी तुफानो से सुरक्षा प्रदान करता है। अपने बिल को गर्मी से बचाने के लिए ये दिन में अपने बिल को मिट्टी से ढक देते हैं। ये सिर्फ रात को ही अपने बिल से बहार निकलते हैं।