उत्पादन एक प्रक्रिया का नाम है जिसके अंतर्गत अपनी आवश्यकताओ एवं उपयोगिताओ में वृद्धि एवं उनको पूरा करने के लिए वस्तुओ का निर्माण या सृजन किया जाता है| साधारण शब्दों में हम कह सकते है कि उत्पादन मानवीय जरुरतो को पूरा करने के प्रयास का नाम है, जिसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार की उपयोगी वस्तुओ का निर्माण किया जाता है, या उन्हें श्रम द्वारा बनाया जाता है, उसी को उत्पादन कहते है|

अलग-अलग विशेषज्ञों ने उत्पादन से सम्बन्धित अलग-अलग परिभाषाये दी है| जैसे अल्फ्रेड मार्शेल ने कहा,” अपनी उपयोगिताओ का सृजन करना ही उत्पादन है”| फ्रेज़र के मुताबिक “उपयोगिता की पुनर्स्थापना उत्पादन कहलाता है”|

उत्पादन के आधारभूत घटक/कारक:

उत्पादन के कारको के अंतर्गत उन घटकों का समावेश होता है, जो उत्पादन के लिए आवश्यक एवं आधारभूत अवयव है, एवं जिसके बिना उत्पादन की प्रक्रिया संभव नहीं मानी जा सकती|

  • प्राक्रतिक संसाधन जैसे, जल, भूमि, खनिज, क्षेत्र आदि|
  • मानव श्रम एवं पूंजी|
  • प्रबन्धन एवं तकनीक आदि|
  • साहस एवं मेहनत

उत्पादन के लिए निश्चित साधनों को आदा या फिर पड़ते कहते है| उत्पादन की प्रक्रिया के चलते वस्तुओ एवं श्रम के उत्पादन को प्रदा कहा जाता है|

श्रम के साधन:

श्रम के साधनों के अंतर्गत गैर मनुष्य साधन जैसे, मशीन, उपकरण, फैक्ट्री स्थापना एवं सरंचना आदि सम्मिलित किये गये है, जिसे श्रम के साधन कहा गया है|

श्रम के विषय:

श्रम के विषयों के अंतर्गत कच्चा माल एवं जरूरी प्राक्रतिक संसाधन एवं वस्तुओ का उत्पादन करने हेतु लगाया जाने वाला श्रम सम्मिलित है, जिसे श्रम के विषय कहा जाता है|