इ सिगरेट, आम सिगरेट से काफी अलग होते हैं, जहाँ आम सिगरेट धुआ धुआ कर देता है वाही इ सिगरेट इतने ज्यादा धुआ नही करते क्यों की इ सिगरेट आग से नही जलता।

यहाँ माचिस की जरूरत नही होती बल्कि इ सिगरेट बैटरी से चलता है, जहाँ आम सिगरेट में तम्बाकू भरा होता है वाही इ सिगरेट में सिर्फ लिक्विड निकोटिन होता है।

निकोटिन तम्बाकू में पाया जाने वाला नशीला पदार्थ है, जो आम सिगरेट में तम्बाकू के तौर पर मौजूद होता है।

इ सिगरते में लगा हुआ बैटरी लिक्विड निकोटिन को भाफ में बदल देता है, इसमें कोई राख नही निकलता और ना ही कार्बन मोनो ऑक्साइड, टार का खतरा होता है जो की लोग आम सिगरेट में निकोटिन के साथ साथ, राख, कार्बन मोनो ऑक्साइड और राख भी इन्हेल कर लेते हैं।

इ सिगरेट, एक चीनी फार्मासिस्ट होन लिक द्वारा खोजा गया था , जिन्होंने सन २००३ में इसका पेटेंट करवा लिया।

इ सिगरेट, आम सिगरेट से अच्छा है यह अभी नही कहा जा सकता क्यों की इसमें भी बहोत सारे हार्मफुल केमिकल पाए गए है और ये भी उतना ही नुकसान करते हैं जितना की एक आम सिगरेट करता है।

इ सिगरेट के इस्तेमाल करने से कैंसर और दिल की बीमारी का भी खतरा रहता है।