आग को मनुष्य के जीवनकाल में सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक माना जाता है| आज के समय में आग का कार्य भोजन पकाने से लेकर बड़े कारखानों में कार्य करना एवं परमाणु बम द्वारा देश तक नष्ट कर देने में योगदान रहा है|

शुरू में जब मानव आग के प्रयोग एवं इसके प्रभाव से अनजान था तब किसी समय में वह इससे डरता भी था किन्तु जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता गया मानव एवं आग का सम्बन्ध और भी गहरा होता गया|

हजारों वर्ष पहले आग को आदिमानव द्वारा खोजा गया| आदिमानव काल में मनुष्य जंगलो में रहा करते थे एवं जंगली जानवरों से बचने हेतु एवं अपना खाना पकाने के लिए आग का इस्तेमाल प्रारंभ किया गया|

गुफाओं में रहने वाले आदिमानव को बिजली गिरना, आग लगना आदि का बोध नहीं था किन्तु जब उसने देखा के जंगली जानवर आग से डरते है तो उसने अपनी बुद्धि का प्रयोग किया एवं आग जलाना सीखा|  

कैसे जलाई जाती थी आग:

आग को जलाने के लिए हजारो साल पहले घर्षण विधि का प्रयोग किया जाता था जिसके लिए अरणी नामक यंत्र को बनाया गया जिसमे एक लकड़ी के टुकड़े को सूखी लकड़ी की छड़ी से कुछ देर तक रगड़ने पर चिंगारी पैदा होती थी एवं यही आग का रूप धारण कर लेती थी|

आदिमानव आग जलाकर इसे अपनी गुफा के प्रवेश पर रख देता था जिससे कोई जंगली जानवर अंदर न आ सके साथ ही यह उसे ठण्ड से भी बचाती थी|

आधुनिक युग में आग पैदा करना काफी सरल हो गया है किन्तु किसी समय में यह बहुत मुश्किल था एवं लोग इसका प्रशिक्षण लेते थे|

1830 ई. में दियासलाई की खोज ने आग जलाने का काम और आसान कर दिया एवं आज भी ठण्डे इलाको में लोग खुद को गर्म रखने के लिए आग जलाकर रखते है|