Hard Disks (हार्ड डिस्क) क्या है?

आज कल हर कोई कंप्यूटर का उपयोग करते हैं। कंप्यूटर से हम कई कार्य करते है और इन सभी कामो के पीछे, कई छोटी-छोटी इकाइयां काम करती है। जिसमें से एक इकाई है हार्ड डिस्क (Hard Disk) जिसके बिना कंप्यूटर, कंप्यूटर नहीं होता। कंप्यूटर के उपयोग को सहज सरल बनाने के पीछे हार्ड डिस्क बहुत महत्वपूर्ण है। Hard Disk को कंप्यूटर का एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में देखा जाता है, क्योंकि इसके बिना कोई भी computer काम नही करता। आज हम आपको इसी महत्वपूर्ण इकाई के बारे में, जानकारी देने वाले हैं। तो, आइए जानते हैं कि हार्ड डिस्क ड्राइव क्या है?

Hard Disk क्या है?

Hard Disk – एक ऐसा डेटा स्टोरेज डिवाइस है, जो बड़ी मात्रा में डेटा को Store करके रखता है और हमें आवश्यक होने पर वो डेटा Provide करता है। हार्ड डिस्क का सभी डेटा एक विद्युत चुम्बकीय (Electromagnetic) रूप से Charged सतह पर स्टोर होता है।

Hard Disk में जो भी डेटा Record होता है, वो हमारे Computer बंद करने के बाद भी बरकरार रहता है। आज के कंप्यूटरो में करीब अरबो से लेकर खरबो तक का डेटा Store हो सकता है।

हार्ड डिस्क का काम है यूज़र के द्वारा दिए गए Information, जैसे कि कंप्यूटर का Operating System, कोई Application, या कोई निजी फोटो या दस्तावेज़ को स्टोर करना और अगली बार जब यूज़र उस Information की खोज करे, तो उसे उपलब्ध कराना।

HDD का Full Form होता है – “Hard Disk Drive” हार्ड डिस्क ड्राइव

सबसे पहले हार्ड डिस्क की खोज IBM ने साल 1956 में की थी, IBM एक कंप्यूटर हार्डवेयर बनाने वाली कंपनी है। रेनोल्ड बी॰ जॉनसन (Reynold B. Johnson) के नेतृत्व में Hard Disk की खोज की गई थी। जिन्हें हार्ड डिस्क का जनक भी कहा जाता है।

हार्ड डिस्क की संरचना

हार्ड डिस्क स्पिंडल, प्लाटर, पावर कनेक्टर, एक्चुएटर, आईडीईआरई, एक्चुएटर, जैसे पुर्जो से बना होता है। हार्ड डिस्क के अंदर, स्पिंडल प्लाटर को पकड़े रखता है और यह घूमती हुई प्लाटर ही डेटा को पढ़ती है और उसे स्टोर करके रखती है।

प्रमुख तौर पर Hard Disk के चार प्रकार होते हैं – 

* इसका सबसे पहला प्रकार है (PATA) यानी Parallel Advanced Technology Attachment. 

*  दूसरा प्रकार  है (SATA) यानि Serial Advanced Technology Attachment.  

* तीसरा है SCSI यानी की Small Computer System Interface. 

* और चौथा जो है वह सबसे नया है SSD यानी Solid-State Drive. 

Hard Disk को Electro-mechanical data storage device भी कहा जाता है।

Hard Disk को सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस भी कहा जाता है। यह एक कंप्यूटर केस के अंदर मौजूद रहती है और data cables (PATA, SCSI, SATA) का इस्तेमाल करके computer motherboard से जुड़ी रहती है। Hard Disk डिजिटल जानकारी को संग्रहित और फिर से प्राप्त करने के लिए चुम्बकीय भंडारण का उपयोग करती है। इसीलिए इसे Electro-mechanical data storage device भी कहा जाता है।

हार्ड डिस्क में डाटा को स्टोर करने के लिए एक या एक से ज्यादा गोल घूमने वाली disk (platter) लगी रहती है।  हर एक प्लेटर में बहुत पतली पट्टी होती है, जो चुम्बकीय सामग्री (magnetic material) के उपयोग से बनाई जाती है।  इन platters में कई सारे track और sector मौजूद रहते है और यह spindle के जरिए घूमते है। जब प्लेटर घूमना स्टार्ट करता है, तो Hard Disk में लगा एक Read/Write arm इसके ऊपर दाएं से बाएं खिसकता है। 

इस पोस्ट में हमने बताया है की Hard Disk क्या है, यह कितने प्रकार की होती है और कैसे काम करती है? उम्मीद है, अब आप हार्ड डिस्क के बारे में समझ गए होंगे। अगर आप कंप्यूटर का उपयोग करते है, तो हम आपको यही कहेंगे कि आप उसमे लगे हार्ड डिस्क को कभी न खोले नही तो वो खराब भी हो सकता है। अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा तो इस पोस्ट को लाइक करें। आप चाहे तो, इस पोस्ट को अपने दोस्तों को शेयर कर सकते है।


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