वैज्ञानिक कैसे बने ? वैज्ञानिक के तरह कैसे सोचे | How to become Scientist in Hindi

वैज्ञानिक दो तरह के होते है एक वैज्ञानिक बनने के लिए पढाई करते हैं और दुसरे वैज्ञानिक दिमाग वाले पैदा …

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दिन में खिलने वाले फूलों के नाम

सुबह के समय खिले हुए फूल सभी को अच्छे लगते है एवं यदि बात आपके घर के गार्डन की हो तो खिले हुए फूल होना अनिवार्य है|

सभी फूलों के खिलने का समय अलग-अलग होता है| कुछ फूल सुबह के समय खिलते है, जबकि कुछ दोपहर के समय, जबकि कुछ फूल रात के दौरान खिलते है| यहाँ हम दिन के समय खिलने वाले फूलों के बारे में जानकारी देंगे|

Sweet Williams: स्वीट वील्लीयम्स

इस फूल का वनस्पतिक नाम Dianthus Barbatus है एवं इसके फूल दिन के समय खिलते है| फूलो की निचली परत सफेद होती है एवं इसकी विभिन्न प्रजातियाँ पाई जाती है| यह अलग-अलग रंगों में उपलब्ध होते है एवं इस पौधे का प्रयोग स्वास्थ्य हेतु किया जाता है|

Petunia plant: पेटून्या

यह फूल दिखने में काफी आकर्षक एवं सुंदर लगता है| गहरे लाल रंग एवं तिकोनी पत्तियों के कारण लोग इसे अपने गार्डन में लगाना पसंद करते है| पूरे संसार में इसकी 20 से अधिक किस्मे पाई जाती है|

Chrysanthemum: गुलदाउदी

लम्बे समय तक यह पौधा हरा-भरा एवं फूलों से लदा रहता है एवं यदि आप फूलों से काफी प्रेम करते है तो इसे कभी नजरंदाज़ नहीं करेंगे| यह विभिन्न रंगों में उपलब्ध रहता है साथ ही इसकी देखभाल भी कम करनी पडती है|

Marigold Flower: गेंदे का फूल

सूरजमुखी परिवार से सम्बन्ध रखने वाला यह फूल लगभग हर जगह देखने को मिलता है| इसका वनस्पतिक नाम Tagetes Erecta है| पीले-नारंगी रंग के इसके फूल दूर से ध्यान आकर्षित करते है एवं समूह में खिले हुए काफी सुंदर लगते है|

Zinnia or Xenia Flower: ज़िनीअ

यह पौधा डेज़ी एवं सूरजमुखी का मिलाजुला फूल है जो लम्बे समय तक खिला रहता है| इस पौधे को काफी रोशनी एवं पानी की आवश्यकता होती है एवं दिखने में भी सुंदर लगता है| यह पौधा 10 से 100 सेमी. तक लम्बा हो सकता है एवं इसके फूल दिन के समय खिलते है|

Tecoma Stan Plant: टेकोमा स्टेन

इस पौधे को येलो बेल्स या येलो एल्डर के नाम से भी जाना जाता है| इसके फूलों का रंग चमकीला पीला होता है एवं इसकी पत्तियां आगे से तीखी एवं हरी होती है| यह पौधा छोटे कीटों एवं पक्षियों को अपनी ओर आकर्षित करता है एवं इसके फूल दिन के समय खिलते है|

Morning Glory Plant: मोर्निंग ग्लोरी

जैसे के नाम से स्पष्ट है, इस पौधे के फूल सुबह के समय खिलते है जो शाम तक खिले रहते है| साधारणतः यह नीले या बैंगनी रंग में उपलब्ध होता है किन्तु स्थान एवं दिशा बदलने पर इसके आकार एवं रंगत में अन्तर आना स्वाभाविक है|

Gazania Daisy: गज़ानिया डेज़ी

गुलाबी, पीले, एवं नारंगी रंग के इसके फूल दिन के समय खिलते है जो दिखने में बहुत आकर्षक लगते है| इस पौधे के फूलों को खिलने के समय धूप की आवश्यकता होती है| रात के समय इसके फूल अपने आप बंद हो जाते है|

Dog Flower (Snapdragon): डॉग फ़्लॉवर

इस पौधे को भारत में अधिकतर देखा जा सकता है एवं इसका नाम इसकी बनावट के अक्रन रखा गया है| इसके फूल डॉग के जबड़े के जैसे खुलते एवं बंद होते है| यह विभिन्न रंगों में पाया जाता है एवं इसके फूल अधिकतर दिन के समय खिलते है|

घर में सजाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है एवं गमले में लगाने पर ये फूल अच्छे लगते है|

Dahlia Flower: डहलिया का फूल

डेहलिया के 42 से अधिक किस्मे मौजूद है एवं हरेक फूल दिखने में काफी सुंदर लगता है एवं ये लम्बे समय तक खिले रहते है| यह अनेक रंगो एवं आकार में उपलब्ध रहता है| इसे खिलने के लिए धूप की जरूरत पडती है| किसी समय में डेहलिया को मेक्सिको का नेशनल फूल घोषित किया गया था| इनके अधिकतर फूलों में खुशबू नहीं होती एवं इनका प्रयोग गार्डन में या कही भी सजावट के लिए किया जाता है|

बसंत ऋतु में खिलने वाले फूलों के नाम

बसंत ऋतु को फूलों का मौसम के नाम से भी जाना जाता है, क्योकि इसी समय दुनिया में अधिकतर फूल खिलते है| अगर आप भी इस ऋतु में अपने गार्डन या ऑफिस को गुलजार करना चाहते है तो आपको जरूरत है बस थोड़ी सी जानकारी की|

पौधों को लगाने एवं सींचने के कुछ नियम होते है, तभी फूल लम्बे समय तक ताजा बने रहते है| यहाँ हम बसंत ऋतु में खिलने वाले कुछ फूलों के बारे में जानकारी देंगे, उम्मीद है आपको यह पसंद आयेगी|

Crocus Flower: क्रोकस फूल

यह फूल बसंत के समय खिलता है एवं इसका रंग हल्का बैंगनी होता है| केसर, जो कि काफी इस्तेमाल किया जाता है एवं महंगा होता है, इसी फूल से निकाला जाता है| यह अधिकतर पहाड़ी इलाकों में लगाया जाता है एवं इसके बल्ब्स तेजी से बढ़ते है एवं अपनी संख्या को बढाते है|

Daffodils: डैफोडिल का फूल

बसंत के मौसम में खिलने वाले इस फूल को Narcissus के नाम से जाना जाता है| इसके फूलों की 6 पतियाँ होती है एवं ये सफेद, पीले, नारंगी, आदि रंगो में पाया जाता है| पूरी दुनिया में इसकी 50 से भी अधिक किस्मे पाई जाती है|

Primrose या Primula: प्रिमरोस

यह फूल लम्बे समय तक ताजे बने रहते है एवं बसंत ऋतु में खिलते है| यह पौधा 10 से 30 सेमी. तक लम्बा हो सकता है| इसके फूलों का रंग हल्के पीले एवं सफेद रंग का मिश्रण होता है, किन्तु अन्य रंगो में भी पाए जाते है| दिखने में यह काफी आकर्षक लगते है एवं इन्हें कम पानी में भी जीवित रख सकते है|

Hyacinth: ह्यासिन्थ

समूह में खिलने वाले इस पौधे के फूल बल्ब्स द्वारा खिलते है एवं बसंत ऋतु में ये तेजी से अपनी संख्या बढाते है| इस पौधे को उचित धूप की आवश्यकता होती है एवं ये काफी आकर्षक लगते है| इनके फूलों का रंग अलग-अलग होता है जो इनकी प्रकति पर निर्भर करता है|

Camellia:

लम्बे समय तक सदाबहार रहने वाला इस फूल का पौधा एक छोटे पेड़ जितना लम्बा हो सकता है| इसके फूल आकार में बड़े होते है जिसकी पत्तियां 5 से 9 तक हो सकती है| इनका आकार एवं फूलों का रंग इनके स्थान एवं जलवायु पर निर्भर करता है| अधिकतर ये फूल पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिलते है|

Tulip या Tulipa:

यह बसंत ऋतू का काफी प्रसिद्ध फूल है जो कई रंगों में खिलता है एवं देखने में काफी आकर्षक लगता है| इसे खिलने के लिए पर्याप्त धूप एवं पानी की आवश्यकता होती है| अधिक गर्मी होने पर इसके फूल मरने लगते है|

Crimson and Gold:

इया पौधे को Chaenomeles X Superba के नाम से भी जाना जाता है| इसके फूल बसंत ऋतु में खिलते है एवं देखने में गहरे लाल रंग के होते है, जो दूर से आपका ध्यान आकर्षित करते है|

आप इसे अपने गार्डन में या गमले में उगा सकते है एवं ये कम पानी में भी आसानी से विकसित हो जाते है|

Flowering Currant:

बसंत के इस पौधे का वनस्पतिक नाम Ribes Sanguineum है, इसके अलावा इसे रेड फ्लावर करंट के नाम से भी जाना जाता है| इसकी पत्तियां 2 से 7 सेमी. तक लम्बी हो सकती है एवं इसपर बेर के जैसे फल लगते है|

Star Magnolia:

इसका वनस्पतिक नाम Magnolia Stellata है| यह छोटे पेड़ जितना बड़े होते है एवं इसके फूल सफेद या हल्के गुलाबी रंग के होते है| बसंत ऋतु इसके खिलने एवं बढने का सबसे अच्छा मौसम है|

Rhododendron:

इस पौधे के फूल काफी गहरे एवं भडकीले रंग के होते है एवं यह पौधा पहाड़ी स्थानों में देखने को मिलता है| पूरी दुनिया में इसकी 1000 से अधिक किस्मे मौजूद है एवं यह छोटे एवं बड़े पेड़ों के रूप में बड़े हो सकते है, जिनका आकार 30 मी. तक भी जा सकता है|

20 पालतू जानवरों के नाम

पशुपालन का कार्य प्राचीन समय से चलता आ रहा है| पहले भी राजा-महाराजा अपने शाही सवारी, घुड़सवारी के शौंक और युद्ध के लिए घोड़े, हाथी आदि पालते थे और दूध की पूर्ति के लिए बकरी, गाय, भैंस, ऊंट आदि दुधारू पशु पालते थे, जो कि आज के समय में भी हो रहा है|

कुछ लोग शौक के तौर पर जानवरों का पालन कर रहे हैं, तो कई लोग घर की रखवाली के लिए और अपनी आवश्यकताओं जैसे सामान ढोने, दूध आदि की पूर्ति के लिए भी जानवरों को पालते हैं| कहीं मनोरंजन करने की लिये बंदर और चूहे भी पाले जाते हैं| कई लोग अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए व अपने सुरक्षा बनाये रखने के लिए भी जानवरों को पालते हैं और उन्हें सदस्य की तरह ही मानते है|

हर जानवर को पालने का तरीका अलग-अलग होता है, क्योंकि कई जानवर घर के भीतर सदस्यों के बीच रखे जा सकते है, जैसे कुत्ता, बिल्ली आदि और कुछ को घर बाहर अलग स्थान पर रखा जाता है, जैसे गाय, भैंस, घोड़ा आदि| देखभाल की बात की जाए तो यूं तो हर जानवर की देखभाल जरूरी है, लेकिन दुधारु पशुओं की समय के पाबन्द होकर देखभाल करनी पड़ती है, क्योंकि इनके दूध निकालने के समय में देरी होने या अनदेखी होने पर यह इनकी सेहत पर विपरीत असर डालता है|

हर एक जानवर पालने के योग्य नहीं होता है, क्योंकि कुछ जानवर इन्सानों के लिए खतरनाक होते हैं| आज के इस लेख में हम आपको कुछ पालतू जानवरों के नाम हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में बताएँगे|

ऊंट Camel

कुत्ता Dog

कछुआ Tortoise

खरगोश Rabbit

खच्चर Mule

गधा Donkey

गिलहरी Squirral

गाय Cow

घोड़ा Horse

चूहा Mouse

बकरी Goat

भैंस Buffalo

भेड़ Sheep

बकरी Goat

बिल्ली Cat

बंदर Monkey

हाथी Elephant

सांड Bull

सूअर Pig

मछली Fish

याक Yak

पूरे वर्ष खिले रहने वाले फूलों के नाम

यदि आप फूलों को पसंद करते है एवं साल भर उन्हें खिले हुए देखना चाहते है तो आपको इस के बारे में थोड़ी जानकारी आवश्यक है क्योकि बहुत सारे फूल मौसम के अनुकूल खिलते है एवं कुछ समय के लिए ही सुंदर लगते है|

यहाँ हम आपको कुछ ऐसे फूलों के बारे में जानकारी देंगे जो सालभर सदाबहार बने रहते है एवं आपके बगीचे की शोभा बढ़ते है|

Bigroot Geranium:

यह पौधा साल भर खिला रहने के लिए प्रसिद्ध है| इसमें हल्के गुलाबी रंग के फूल खिलते है जिन्हें मसलने पर हल्की खुशबू का एहसास होता है| लोग इसे अपने गार्डन में लगाना काफी पसंद करते है क्योकि इस पौधे का प्रयोग कई स्वास्थ्य से सम्बन्धित उपायों में किया जाता है|

Purple Coneflower:

सूरजमुखी के प्रजाति से सम्बन्ध रखने वाला यह फूल हल्के बैंगनी रंग का होता है एवं खिलने पर कोन के जैसे आकार देता है| आपके गार्डन के लिए यह अच्छा आप्शन है| साल भर खिले रहने के कारण लोग इसे बगीचे में लगाना काफी पसंद करते है|

Ajuga:

इस पौधे की 40 से अधिक प्रजातिया पाई जाती है एवं यह 5 से 50 सेमी. तक लम्बा हो सकता है| इसे ग्राउंड पाइन या bugle-weed के नाम से भी जाना जाता है| यह पौधा साल भर खिला रहता है एवं छोटे फूल एक दूसरे की विपरीत पत्तियों के साथ खिलते है|

Purple-Leaved Beardtongue:

हमेशा सदाबहार बना रहने वाला यह पौधा साल भर फूलों से लदा रहता है| इसकी पूरी दुनिया में 250 से अधिक प्रजातिया पाई जाती है| इसका नाम इसके आकार एवं लुक के कारण रखा गया है| ये फूल 10 सेमी से 3 फीट तक लम्बे हो सकते है एवं रंगत में हल्के बैंगनी, नीले, या गुलाबी रंग के दिखते है|

Black-Eyed Susan:

इस फूल का वैज्ञानिक नाम Rudbeckia Hirta है| वैसे इस फूल को अन्य कई नामों से जाना जाता है जैसे ब्राउन बेट्टी, येलो डेज़ी आदि| दिखने में यह थोडा बहुत सूरजमुखी के जैसे लगता है एवं साल भर इसके फूल खिले रहते है| इसके फूल एवं पत्तियों का प्रयोग कई प्रकार के रोगों का इलाज करने में प्रयोग किये जाते है|

Pink Astilbe:

यह पौधा फ़र्न के जैसे छोटे गुलाबी बैंगनी फूलो के साथ हरा भरा रहता है एवं वर्ष भर खिला रहता है| इसकी लम्बाई 6 इंच से 5 फीट तक हो सकती है एवं इसकी कई वैरायटी पाई जाती है जिसमे बौने पौधे भी शामिल है|

इन पौधों को काफी पानी की जरूरत होती है एवं घर में सजाने के लिए यह उत्तम आप्शन है|

Blue Perennial Sage:

इस पौधे की 900 से अधिक प्रजातियाँ पाई जाती है जिसमे से अधिकतर लम्बे समय तक फूलों से भरी रहती है| नीले-बैंगनी रंग के फूल काफी सुंदर लगते है एवं इन्हें काफी पानी एवं सूरज की रोशनी की जरूरत होती है|

आप इसे सीधे जमीन या किसी बड़े गमले में लगा सकते है|

Blue Pincushion Flower:

इस पौधे को Scabiosa के नाम से भी जाना जाता है| इसके फूल हल्के गुलाबी रंग के होते है जो साल भर खिले रहते है| होम गार्डन के लिए यह अच्छा चुनाव है| इस पौधे का इस्तेमाल त्वचा से सम्बन्धित रोगों में किया जाता है|

Purple Coral-bells:

जैसे कि नाम से प्रतीत हो रहा है, इस पौधे की पत्तियाँ बैंगनी रंग की दिल के जैसे शेप में होती है| यह वर्ष भर खिला रहता है एवं ये 2 फीट तक बढ़ सकते है| दिखने में यह पौधा काफी सुंदर एवं आकर्षक लगता है|

Threadleaf Tickseed:

इसका वनस्पति नाम Coreopsis Verticillata है| इसका तना पतला होता है एवं फूल चमकदार पीले रंग के होते है| लम्बे समय तक खिला रहने वाला यह पौधा 2 से 3 फीट तक लम्बा हो सकता है|

50 जंगली जानवरों के नाम

प्रत्येक जीव का कोई न कोई निवास स्थान होता ही है, जिनमे से एक स्थान है- जंगल, जिसमे रहने वाले जंगली जानवर खूंखार व शिकारी प्रवृति के होते हैं और काफी खतरनाक होते हैं| पृथ्वी का कुछ भाग जंगलों से ढका हुआ है, जिनमें नाना प्रकार के छोटे-बड़े व विभिन्न प्रजातियों के जीव-जन्तु रहते हैं| इन जानवरों का आवासीय स्थानों से दूर जंगलों में वास होने सके कारण ही लोगों के लिए सुरक्षा का घेरा बना रहता है, क्योंकि ये इंसानों के बीच रहने वाले जानवरों की श्रेणी में नहीं आते|

आज के इस लेख में हम आपको जंगली जानवरों के नाम हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में बताएँगे| आशा करते हैं कि यह लेख आपकी सामान्य ज्ञान बढ़ाने वाला होगा और आपको पसंद आएगा|

बाघ Tiger

शेर Lion

तेंदुआ Leopard

हाथी Elephant

गेंडा Rhinoceros

ढंका या धूमिल तेंदुआ Clouded Leopard

ध्रुवीय तेंदुआ या हिम तेंदुआ Snow Leopard

काला भालू Sloth Bear

गौर Bison

नीलगाय Nilgai or Blue Bull

जंगली गधा Wild Ass

जंगली जल भैंस Wild Water Buffalo

घड़ियाल Alligator

बारहसिंगा Reindeer

सांभर Sambar Deer

मगरमच्छ Crocodile

चीतल Spotted Deer or Axis Deer

काला हिरण Blackbuck

सियार Jackal

लकड़बग्गा Hyena

जंगली कुत्ता  Dhole

भेड़िया Wolf

जंगली सूअर Wild Boar

साही Porcupine

गोहे Monitor Lizard

पन्गोलिन Pangolin

अजगर Rock Python

किंग कोबरा King Cobra

नीलगिरी तार Nilgiri Tahr

शेर पूंछ बन्दर Lion Tailed Macaque

हनुमान लंगूर Gray Baboon

विशाल गिलहरी Indian Giant Squirrel

सीविट Malabar Large Spotted Civet

लोमड़ी Fox

हूलोक गिब्बन Hoolock Gibbon

बिज्जू Honey Badger

संगई हिरण Sangai or Eld’s Deer

सुनहरा लंगूर Gee’s Golden Languor

उद्बिल्लाव Smooth Coated Otter

नेवला Mongoose

लाल पांडा Red Panda

नीलगिरी मार्टन Nilgiri Marten

भरल Bharal

दबोइया Russel’s Viper

चिन्कारा Chinkara

जंगली घोड़ा Feral Horse

भूरा भालू Brown Bear

जंगली याक Wild Yak

बक्ट्रियन ऊंट Bactrian Camel

जंगली बिल्ली Wild Cat

10 जल में रहने वाले पौधो के नाम

कमल Lotus:

भारत के राष्ट्रीय पुष्प के नाम से जाने जाने वाले इस पौधे को कई नामो से जाना जाता है| कमल का पौधा पानी में पैदा होता है एवं यह सफ़ेद एवं हल्के गुलाबी रंग के साथ अत्यधिक आकर्षित लगता है| कमल के पौधे के तने अंदर से खोखले होते है एवं पानी या कीचड़ के अंदर तक फैले हुए होते है|

इसकी पत्तियाँ हरे रंग की होती है एवं तने के सिरे पर गांठे होती है जो इसे मजबूती प्रदान करती है| अलग-अलग क्षेत्रों में कमल के फूल विभिन्न रंगो में उपलब्ध होते है एवं दुनिया के लगभग सभी भागों में कमल के फूल पाए जाते है|

वॉटर लिली:

वनस्पति जगत के जलीय पौधे में से वाटर लिली को विकसित पौधा माना जाता है जो तीव्रता से अपना विकास करते है| इसे नीलकमल भी कहा जाता है एवं ये जल में पैदा होते है| दिखने में यह पुष्प काफी सुंदर लगते है एवं पूरी दुनिया में इनकी 75 से अधिक प्रकार पाए जाते है|

ये विभिन्न रंगो में मिलते है एवं इनका वैज्ञानिक नाम निम्फेसी है| इन पौधों की जड़े पानी के अंदर तक गड़ी होती है जबकि फूल एवं पत्तियां उपर की सतह पर तैरती रहती है|

ब्लू Iris:

यह पौधा नीले-बैंगनी फूलों के साथ दिखने में आकर्षक लगता है एवं पानी में उगता है| इसकी पत्तियाँ लम्बी एवं हरे रंग की होती है एव यह लगभग स्थानों पर देखने को मिलता है|

Sweet Flag:

इस पौधे को Golden Japanese के नाम से भी जाना जाता है| जल में उगने वाला यह पौधा तेजी से बढ़ता है एवं यदि आप वाटर गार्डन पसंद करते है तो इसे वहाँ जरुर पायेंगे| हल्के हरे रंग की लम्बी पतली स्ट्रिप्स के साथ यह हल्के पीले रंग के साथ विकसित होता है|

Mosaic Plant:

पानी के ऊपर तैरता हुआ यह पौधा पीले रंग के फूलों से भरा होता है| इसकी पत्तियाँ छोटी एवं उनका आकार डायमंड के जैसे होता है| इस पौधे की कई प्रजातिया संसार के अलग-अलग हिस्सों में पाई जाती है|

Water Lettuce:

यह जलीय पौधा केवल पत्तियों वाला होता है एवं काफी तेजी से बढ़ता है| पानी वाले स्थान पर इस पौधे को आसानी से देखा जा सकता है एवं वाटर गार्डन के लिए भी यह अच्छा आप्शन है|

सिंघाड़ा:

इसे Water Chestnut के नाम से भी जाना जाता है| असल में सिंघाड़ा अपने आप में एक फल है जो लताओं के द्वारा जल के अंदर पैदा होता है| इस पौधे की जड़े पानी के भीतर जाल की तरह फैली होती है एवं कई क्षेत्रों में इसकी खेती की जाती है क्योकि इसके फल के काफी उपयोग है जो ताजा खाए जाते है एवं ड्राई भी प्रयोग किये जाते है|

Cardinal Flower:

गहरे लाल या बरगंडी रंग के तने के साथ वैसे ही सुंदर फूलो वाला यह जलीय पौधा आपके गार्डन की शान बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है| इसकी पत्तियाँ 8 इंच तक लम्बी हो सकती है एवं पूरे पौधे का आकार 3 फीट के करीब जा सकता है|

Taro Water Plant:

इस पौधे की कई वैरायटी उपलब्ध है| यह जलीय पौधा दिखने के काफी सुंदर लगता है किन्तु इसके पुष्प नहीं लगते| इसकी पत्तियां तिकोनी एवं लम्बी होती है एवं यह खुद काफी लम्बाई में बढ़ सकता है| सूरज की रोशनी में यह और भी तेजी से विकास करता है|

Horsetail Water Plant:

आकर्षक तने के साथ यह जलीय पौधा पानी में तीव्रता से विकास करता है| इसकी लम्बाई 24 इंच तक जा सकती है एवं इसका बौना रूप भी उपलब्ध होता है जो केवल 8 इंच तक लम्बा होता है| अगर यह आपके गार्डन में है तो आपको समय-समय पर इसकी कटाई करनी होगी|

50 कीड़ों के नाम हिन्दी व अंग्रेजी में

हमारी प्रकृति में असंख्य छोटे-बड़े कीड़े पाए जाते हैं| इनके जीवन चक्र की बात की जाये तो हर छोटा जीव अपने से बड़े जीव का शिकार बनता ही है| बड़े कीड़े छोटे कीड़ों को अपना भोजन बना लेते हैं| 

ये कीड़े विभिन्न संरचना वाले होते हैं| कुछ अत्यन्त सूक्ष्म भी होते हैं, तो कई कीड़े बड़ी शारीरिक संरचना वाले होते हैं| प्रवृति में भिन्नता के आधार पर वर्गीकरण किया जाए तो कुछ कीड़े चलते हैं, तो कुछ रेंगते हैं और कई कीट –पतंगे उड़ते हैं| कई कीड़े तो काफी कम जीवनकाल वाले होते हैं, जो कुछ घंटों जीवित रहकर मर जाते हैं|

इसी के अलावा कई कीड़े जहरीले भी होते हैं, जिनमे से कुछ इतने जहरीले भी हो सकते हैं कि मृत्यु तक भी हो सकती है|

कुछ कीट-पतंगों के नाम के नाम तो हम हिन्दी व अंग्रेजी में जानते हैं, और कुछ के नहीं| अतः हमारे आज के इस लेख में आपको हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में कीड़ों के नाम बताएँगे| यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्द्धक सिद्ध होगी|

अल्पायु मक्षिका Mayfly

इल्ली Caterpillar

कीड़ा Bug

केंचुआ Earth Worm

किलनी Tick

केकड़ा Crab

कलापक्ष Hymenopterans

कनखजूरा Centipede

खटमल Bedbug

गिरगिट Chameleon

गाल मक्खी Gall Midge

गुबरैला Dung Beetle

घोंघा Snail

चिरान्ट Shrimp

चींटी Ant

जोंक Leech

जूं Louse

जुगनू Firefly

छिपकली Lizard

झींगा Prawn

झींगुर Cricket

ततैया Wasp

मधुआ कीट Mangohopper

मक्खी Fly

माहू Aphid

मकड़ी Spider

मच्छर Mosquito

मधुमक्खी Bee

मोगरी Beetle

मेंढक Frog

दहिया कीट Mealy Bug

दीमक Termite

टिड्डा Grasshopper

टिड्डी Locust

तितली Butterfly

तना भेदक कीट Stem Borer Insect

तिलचट्टा कॉक Cockroach

पिस्सू Flea

पतंगा Moth

फल मक्खी Fruit Fly

लीची माईट Litchi Mite

लकड़ी का कीड़ा Stick Insect

भंवरा Bumblebee, Black Bee

बिच्छु Scorpian

बद्धहस्त कीट Mantis

व्याध पतंग Dragonfly

रेशम का कीड़ा Silkworm

शल्ली कीट Scale Insect

सीप Oyster

शंख Conch

सूरज की रोशनी के बिना घर के अंदर रखने वाले पौधे

जैसा कि हम सभी को पता है कि पौधो को बढने के लिए सूरज की रोशनी की आवश्यकता होती है किन्तु कुछ ऐसे भी पौधे है जो सूरज की सीधी किरणें सहन नही कर सकते एवं हल्की रोशनी में भी अच्छे से पनप सकते है|

यदि आप अपने घर या ऑफिस को सजाने या प्राकृतिक वातावरण बनाने के लिए कम रोशनी में बढ़ने वाले पौधे लगाना चाहते है, तो यह जानकारी आपकी सहायता करेगी|

Dracaena:

यह प्लांट आपके घर के डेकोर को बढ़ाने के लिए सबसे अच्छा है एवं इसे बढने के लिए सूर्य की रोशनी की जरूरत नहीं पडती| इस प्लांट की 50 से अधिक किस्मे है एवं सभी दिखने में अच्छे लगते है| आप इसे लिविंग एरिया, ड्राइंग रूम, या लॉबी में रख सकते है|

Bamboo:

बम्बू प्लांट आजकल काफी प्रचलन में है एवं लोग इसे लकी चार्म समझते है एवं घर में लगाना पसंद करते है| सबसे अच्छी बात यह है कि इस प्लांट को बढने के लिए न तो अधिक पानी की आवश्यकता होती है न ही सूरज की रोशनी की|

आजकल ये छोटे कांच के जार में उपलब्ध रहता है जिसे आप आसानी से कही भी रख सकते है|

Fern:

यह खूबसूरत पौधा दिखने में मानव के बालों जैसा लगता है| इसके चमकदार हरे छोटे पत्ते हर तरफ फैले होते है जो आपको देखने में आकर्षित लगता है| आप इसे कम जगह में कही भी रख सकते है|

Parlor Palm:

यह काफी लोकप्रिय पौधा है एवं जो लोग इंडोर प्लांट पसंद करते है वे इसे मना नहीं कर सकते| इसकी कई प्रजातियां काफी प्रचलित है एवं घर के अंदर कही भी रखा जा सकता है| यह पौधा आसानी से कम पानी एवं कम सूरज की किरणों में जीवित रह सकता है|

Umbrella Papyrus:

यह पौधा palm की ही प्रजाति का है जो ऊपर से छतरी की भांति फैला हुआ रहता है एवं घर के अंदर रखने के लिए best आप्शन है| इसे भी कम पानी एवं प्रकाश की आवश्यकता होती है|

ZZ Plant:

यह प्लांट मोटे चमकदार पत्तों के साथ किसी भी छोटे गमले में आसानी से लगाया जा सकता है एवं इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पडती एवं देखने में भी अच्छा लगता है|

Snake Plant:

यदि आपके घर का कोई कोना ऐसा है जहाँ अँधेरा ज्यादा रहता है तो आपको स्नेक प्लांट काफी पसंद आयेगा क्योकि यह अँधेरे में बहुत आसानी से जिन्दा रह सकता है| इसकी लम्बी पत्तियों पर सांप के जैसे धारिया बनी होती है एवं अपने आप में यह पौधा आकर्षक लगता है|

इसे मध्यम आकार के गमले में लगाना चाहिए एवं इसे अधिक पानी की आवश्यकता भी नहीं पड़ती| इस पौधे को Mother’s-in-Law Tongue के नाम से भी जाना जाता है|

Creeping Fig:

छोटी हरी एवं सफेद पत्तियों के साथ चारों तरफ फैली हुई इसकी पत्तियाँ इस पौधे को आकर्षक बनाती है| इसे बढने के लिए न तो अधिक स्थान चाहिए न ही ज्यादा सूरज की रोशनी| आप इसे थोड़ी जगह में कही में रख सकते है|

Money Plant or Devil’s Ivy:

मनी प्लांट घर में रखने के लिए काफी smart आप्शन है एवं लोग इसे काफी पसंद करते है| चमकदार पत्तियों के साथ यह कई प्रकार में आसानी से मिल जाता है| आप इसे बेल के जैसे फैला सकते है या घना करते हुए फैला सकते है|

कुछ लोग इसे लकी मानते है एवं घर में लगाना शुभ मानते है|

Calathea:

यह पौधा दिखने में बेहद सुंदर लगता है एवं जो लोग घर के सज्जा को लेकर पौधे चुनते है उनके लिए इस पौधे को मना नहीं किया जा सकता| इसकी पत्तियां दो रंगो की होती है एवं यह धूप एवं छाया दोनों जगह आसानी से पनप सकता है|

20 फूलों के नाम हिन्दी व अंग्रेजी में

फूलों की विभिन्न प्रजातियाँ इस धरती पर पायी जाती हैं, यह तो सर्वविदित ही है| आकर्षक और खूबसूरत होने से साथ-साथ कुछ  फूल हमें सकारात्मक ऊर्जा के साथ महका हुआ वातावरण भी प्रदान करते हैं| मौसम व क्षेत्रीय विभिन्नता के कारण अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग तरह के फूलों की पैदावार होती है| कुछ फूल दिखने में आकर्षक होते हैं, तो कुछ लुभावनी सुगंध वाले होते है, और कुछ इन दोनों गुणों से युक्त होते हैं| वहीँ दूसरी ओर कुछ फूल स्वास्थ्य लाभकारी व औषधिय गुण वाले भी होते हैं| ये अनेक प्रकार की प्रजातियों वाले फूल अलग-अलग विशेषता लिए हुए होते हैं|

आज के समय में बहुतायत से फूलों का उपयोग कई रूपों में किया जाने लगा है| वर्तमान में सौन्दर्य प्रसाधन, औषधि निर्माण, साज-सज्जा, गहने आदि हेतु फूलों का इस्तेमाल किया जाता है| प्रकृति-प्रेमी व बागबानी पसंद करने वाले लोग घरों में भी कई किस्म के फूलों की पैदावार से बगीचे को सजाते हैं|

हम सामान्य हमारे आसपास पाए जाने वाले फूलों के नाम जानते ही है| कुछ फूलों के नाम हिन्दी में जानते हैं तो कुछ अंग्रेजी में भी, और कुछ दोनों भाषाओँ में, लेकिन कई फूलों के हिन्दी नाम अत्यंत शुद्ध हिन्दी भाषा में होते हैं, जिनसे हम में से कुछ लोग शायद अनभिज्ञ भी हो सकते हैं| आज के इस लेख में हम आपको कुछ फूलों के हिन्दी नाम के साथ उनके अंग्रेजी नाम भी बताएँगे| सामान्य जानकारी के लिए यह लेख आपके लिए सहायक होगा और आशा करते हैं कि आपको यह लेख पसंद आये| 

केवड़ा Pandanus

कामलता Cypress wine

कनेर Oleander

कमल Lotus

कन्द्पुष्प Tulip

कुमुदिनी Lily

गुलबहार Daisy

गुलमेहंदी Balsam

गुलाब Rose

गुडहल Hibiscus

गुलदौदी Chrysanthemum

चमेली Jasmine

चम्पा Magnolia

नागचम्पा Cobra saffron

नीलकमल Blue water lily

नर्गिस Daffodil

धौल ढाक Erythrina

सदाबहार Periwinkle

बनफूल Pansy

बबूने के फूल Chamomile

50 पक्षियों के नाम हिन्दी व अंग्रेजी में

आसमान की शोभा बढ़ाने वाले, कहीं दिखने में प्यारे लगने वाले पक्षी, तो कहीं सुरीली व मधुर गान वाले, कुछ शिकार करने वाले, तो कुछ शिकार बनने वाले इन पक्षियों की धरती पर अनेक प्रजातियां मौजूद हैं| कुछ तो साधारणतः हमे आसपास उड़ते हुए दिख जाते हैं, लेकिन कुछ पक्षी कम ऊंचाई पर उड़ते हैं और कुछ अधिक ऊंचाई पर| सब पक्षियों की उड़ने की क्षमता व गति एक समान नहीं होती|

दुनिया भर में प्रत्येक देश और स्थान की जलवायु व मौसम में पायी जाने वाली विभिन्नता के कारण वहाँ निवास करने वाले पक्षियों की प्रजातियों में भी विभिन्नता पायी जाती है| जब मौसम में परिवर्तन होने लगता है तो कुछ पक्षी मौसम का अनुकूलन न होने के कारण एक स्थान से दूसरे अनुकूल जलवायु वाले स्थान पर गमन कर जाते हैं|

आज का लेख काफी रुचिकर है और जान बढ़ाने वाला भी है, क्योंकि इस लेख में हम आपको पूरी दुनिया में पाए जाने वाले कई पक्षियों के नाम हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में बताएँगे|   

अबाबील Swallow or Skylark

उल्लू Owl

कबूतर Pegion

कोयल Cuckoo

कचाटोर या बुज्जा Black Headed Ibis

कटोई Jacana

कीवी पक्षी Kiwi Bird

कठफोड़वा Woodpecker

कौआ Crow

खंजन Wagtail

गौरैया Sparrow

गुंजन पक्षी Humming Bird

गिद्ध Vulture

चमगादड़ Bat

चातक Jacobin Cuckoo

चील Eagle

जलकाग Cormorant

जलपक्षी Loon

फ़ाख्ता Dove

बाज Hawk, Falcon

बया या बुनकर पक्षी Weaver bird बुलबुल Nightingale

बत्तख़ Duck

बगुला Heron

बहुरंगी तोता Macaw

बटेर Quail

रामचिरैया Kingfisher

राजहंस Flamingo

सारस Crane

स्वर्ग पक्षी Bird of Paradise

समुंद्री बगुला Penguin

सफ़ेद बगुला Egret

नकलची चिड़िया Mocking Bird

नीलकंठ Magpie

मैना Mynah, Starling

मुर्गा Cock, Rooster

महोख या भारद्वाज पक्षी Greater Coucal

मोर Peacock

मुनाल Tragopan

मुर्गी Hen

हुदहुद या घेरा पक्षी Hoopoe

हंस Swan

हवासील Pelican

पीत चटकी Canary bird

फिंच Finch

ढेलहरा तोता Parakeet

तोता Parrot

तीतर Partridge, Pheasant

टुकेन Toucan

शतुरमुर्ग Ostrich

रेगिस्तान में उगने वाले पौधे

रेगिस्तान में पैदा होने वाले पेड़-पौधों को मरुद्भिद कहते हैं| रेगिस्तानी पौधों का वर्णन इस प्रकार हैं-

पलाश- यह वेदवर्णित पवित्र पेड़ ढाक, छूल, टेसू, परसा, केसू आदि नामों से भी जाना जाता है| इसकी लम्बी, लहराती  पत्तियों वाले फूलों से पेड़ का आकर्षण बढ़ता है| इसकी प्रजातियां पेड़, झाड़ी व बेल तीन रूपों में पायी जाती है| मोटे तने वाले पेड़ के एक फूल में तीन पत्तियां होती हैं| पीले व लाल रंग के पलाश में लाल फूल वाले पेड़ साधारणतः देखने को मिल जाते हैं| सौन्दर्य प्रसाधन, औषधि के अतिरिक्त इसमें अनेक स्वास्थ्य सम्बन्धी विशेषताएं पायी जाती हैं|

बबूल- भारत में पूजनीय माना जाने वाला यह पेड़ गुणकारी होता है| मध्यम आकार के इस पेड़ की टहनियों पर पतले तिनकों पर बारीक-छोटी पत्तियां होती हैं| इसपर छोटे-छोटे पीले फूल व हरी फलियाँ लगती हैं| खेर, करील, सोनकीकर, फुलाई, रामबबूल आदि इसकी प्रजातियों के नाम हैं|  

आक- बड़े व मोटे पत्तों वाला यह पेड़ छोटा और फैला हुआ होता है| छोटे व सफ़ेद रंग वाले इस पौधे को अकुआ, मन्दार भी कहा जाता है| आक के पत्तों व टहनियों से निकलने वाले दूध जैसे गाढे द्रव्य का उपयोग सीमित मात्रा में औषधि रूप में किया जाता है| परन्तु यह जहर समान होता है, जिसके अधिक सेवन से मौत हो सकती है| चिकित्सा के क्षेत्र में आक का काफी प्रयोग होता है|

झरबेला- इसे झड़बेर भी कहते हैं| झाड़ीदार इस पेड़ के पत्ते गोल होते हैं| इसपर कांटे भी पाए जाते हैं| इसपर लगने वाले बेर सामान फल खाने योग्य होते हों|

गोरख इमली- इसे “गोरखचिंच” व “बाओबाब” भी कहते है| यह मोटे तने वाला बड़ा पेड़ है, जिसमे भरपूर मात्र में अम्ल पाया जाता है, यानी स्वाद में यह खट्टा होता है| इसपर फल व फूल दोनों लगते हैं| खाने के लिए और औषधि के रूप में इसका काफी प्रयोग किया जाता है|

अमलतास- पीले फूलों वाले इस पेड़ की उंचाई अधिक नहीं होती| सर्दी में इसपर पतली फलियाँ उभरती हैं, जो काले चिपचिपे पदार्थ से युक्त होती है| इसके तनों में गोंद जैसा पदार्थ निकलता है| यह पूरा पेड़  गुणों से युक्त है, क्योंकि इसके पत्तों, शाखाओं और फलियों का उपयोग वृहत् तौर पर आयुर्वेद चिकित्सा व औषधि निर्माण में विभिन्न तरीकों से किया जाता है|

खेजड़ी- इसे “शमी वृक्ष” भी कहते हैं| कांडी, जांटी, सांगरी इसके अन्य नाम हैं|  यह 8-10 मीटर तक ऊँचा होता है| स्थानीय लोग पूजा-अर्चना में खेजड़ी को पवित्र मानते हैं|

युफोर्बिया- रेगिस्तान की शुष्क मिट्टी व गर्मी में यह पौधा पूरे वर्ष जीवित रहता है| सुन्दर रंग-बिरंगे फूलों वाला पौधे का उपयोग सजावट के लिए किया जाता है| इसमें से सफेद रंग का जहरीला द्रव निकलता है| युफोर्बिया को अधिक देखभाल की आवश्यकता नही होती है| एक बार लगाने के बाद यह स्वतः पनपता रहता है| इसकी अधिकाँश प्रजातियों में पत्तियां छोटी होती हैं|

कैक्टस- कांटेदार पौधे की एक हजार से अधिक प्रजातियाँ पायी जाती हैं| ये रेगिस्तान की सूखी मिट्टी में अनुकूल रूप से पनपते हैं| यह गुद्देदार तने वाला पौधा है, जो अपने तने में पानी की थोड़ी-थोड़ी मात्रा संग्रहित कर के रखता है| कैक्टस की सबसे छोटी प्रजाति “फिशहूक कैक्टस” है, जिसकी लम्बाई लगभग 3 इंच तक होती है और कैक्टस की सबसे बड़ी प्रजाति “सैगुअरो कैक्टस” है, जो 40 फीट लम्बे हो सकते हैं| कैक्टस के सभी पौधे फूलदार नहीं होते, लेकिन कुछ प्रजातियाँ ऐसी हैं, जिनपर रंग-बिरंगे सुन्दर फूल खिलते हैं|

वोल्लेमी- 25-40 मीटर तक ऊँचे इस पेड़ की पत्तियां डेढ़ से तीन इंच तक लम्बी व सपाट होती हैं| छोटी पत्तियां गहरे हरे रंग की होती हैं, जो बड़ी होते-होते हरे रंग के साथ पीलेपन में बदलती हैं| आकार में कुछ-कुछ क्रिसमस ट्री जैसा लगता है| इन पेड़ों का जीवनकाल बहुत अधिक होता है| इसके छोटे पेड़ों को गमलों में लगाकर सजावट के लिए भी प्रयोग किया जाता है|

गर्मी में खिलने वाले फूलों के नाम

कुछ फूल मौसमी होते हैं, जो केवल एक ही मौसम में खिलते हैं और इसके बाद नष्ट हो जाते हैं| गर्मी के मौसम में भी आप फूलों से अपने घर व बगीचे को ओर अधिक सुंदर बना सकते हैं, क्योंकि आज के हमारे इस लेख में आपको गर्मी के मौसम में खिलने वाले फूलों के बारे में बतायेंगे|

बाल्सम– खूबसूरत रंगीन फूलों वाला यह पौधा अधिकतम लगभग 2 फीट लम्बा होता है| इसकी पत्तियां गहरे हरे रंग की पतली व लम्बे आकार की होती है| मोटे तने वाले भाग में से ही इसके फूल पैदा होते हैं, जो गुलाबी, लाल, जामुनी, सफ़ेद रंग के कई हल्के और गहरे रंग के कुछ शेड्स लिए हुए होते हैं|

सेलोसिया- मुर्गे की कलंगी जैसे दिखने वाले फूल को मुर्गकेश के नाम से भी जाना जाता है| यह आकर्षक फूल काफी नरम व मुलायम होता है|

गेलार्डिया- इसे नवरंग भी कहते हैं| इसका पौधा लगभग 31-32 इंच तक लम्बा हो सकता है| तीन-चार रंगों के मिश्रण वाले गहरे रंग के इन फूलों की पंखुड़ियाँ किनारों से भड़कीले पीले रंग की होती हैं, जो दिखने में काफी मनमोहक व आकर्षक लगते हैं| इसकी दो प्रजातियाँ “गेलार्डिया पिक्टा” और “गेलार्डिया लोरियेंज़ाना” हैं| 

कनेर- लंबी, पतली व नुकीले आकार की पत्तियों वाले इस पेड़ की बहुत अधिक ऊँचे नहीं होते हैं| कनेर में पीले, गुलाबी, सफ़ेद व लाल रंग के फूल वाली किस्मे होती हैं|

गोम्फ्रेना- लाल, गुलाबी, सफ़ेद और जामुनी रंग के फूलों में उपलब्ध यह पौधा अधिक बड़ा नही होता है| एक पौधे पर एक ही रंग के फूल खिलते हैं| 1 या 2 फीट की ऊँचाई वाले इस पौधे पर एक बार में कई सारे फूल खिलते हैं, जो की लगभग एक महीने तक खिले रहने के बाद सूखना आरम्भ हो जाते हैं|

पोर्टुलाका- यह पौधा लम्बाई में अधिक न बढ़कर चौड़ाई में शीघ्रता से फैलता है| छोटी बारीक पत्तियों वाले इस पौधे पर साधारणतः छोटे-छोटे पांच पत्तियों वाले फूल खिलते है, जो थोड़े ही समय में मुरझा जाते हैं| इसके लाल, गुलाबी, सफ़ेद, पीले, जामुनी जैसे कई रंगों के फूल वाले पौधे उपलब्ध होते हैं|  

ग्लेडियोलस- आकर्षण के कारण अत्यंत प्रचलित व 250 से भी अधिक प्रजातियों वाले इस पौधे के फूल सुन्दर व कई रंगों के होते हैं| पौधे की लम्बाई अधिकतम 8 फीट तक हो सकती है| इसके फूल की पत्तियों की तलवार जैसी तीखी आकृति होती है|  

डहेलिया- यह अनेक छोटी-छोटी पंखुड़ियों वाला फूल दिखने में बहुत सुंदर होता है| इसकी अनेक प्रजातियों में विभिन्न रंग व कई आकार के फूल पाए जाते है| यह अधिकतम ढाई मीटर तक लम्बे हो सकते हैं|

सदाफूली- झाड़ीदार यह पौधा अत्यंत घना होता है| इसपर सफेद रंग के फूल खिलते हैं. जो हल्के जामुनी रंगत वाले होते हैं| इसके जड़ व तने में से सफेद दूध जैसा पदार्थ निकलता  है, जो जहरीला होता है| इसपर छोटे गोल फल भी निकलते हैं, लेकिन ये जहरीले नहीं होते| औषधि के रूप में भी सदाफूली का प्रयोग किया जाता है|

सूरजमुखी- पीले रंग के इस सुन्दर फूल का का मुख सूर्य की दिशा में रहता है| लुभावने फूल वाले इस पौधे की एक प्रजाति में काफी बड़े फूल भी पाए जाते हैं|

कॉसमॉस- इसे कास्मिया भी कहा जाता है| अधिकतम 2 मीटर लम्बाई वाले इन पौधों के फूल अधिक बड़े नहीं होते और पंखुडियां गोलाई में लम्बी व पतली होती हैं| इसकी विभिन्न प्रजातियों में फूलों के कई रंग पाए जाते हैं|

Cosmos pink flower in garden with blue sky

इनके अतिरिक्त ओर भी ऐसे फूल हैं, जिनकी गर्मियों में मौसम अच्छी पैदावार होती है और बगीचे को महकाने व सजाने के लिए उपयुक्त होते हैं, जैसे- समर स्वीट, क्लियोम, गुड़हल, कोशिया, जीनिया, गेंदा, एमेरान्थस्, टोरेनिया आदि| इनमे से कुछ फूलों की अनेक प्रजातियाँ पायी जाती हैं, जो विभिन्न रंगों व आकारों वाली होती है|