तेल पानी पर क्यों तैरता है

silly boy thinking

आपने देखा होगा की एक लकड़ी का टुकड़ा पानी में तैरता रहता है, जबकि उसी आकर का पत्थर पानी में डूब जाता है| इसकी वजह होती सघनता या घनत्व, अर्थात कोई वस्तू पानी में तैरती है तो उसका घनत्व पानी के घनत्व से कम होता है | तेल की स्थिति दो वजहें होती है पहला तो तेल का घनत्व पानी के घनत्व से कम होता है क्यूंकी तेल के अणुओं की सघनता पानी की अणुओं की सघनता से कम होती है |

ये बिलकुल उसी प्रकार है जैसे हीलियम गैस से भरा गुब्बारा आसमान में उड़ जाता है क्यूंकी, हीलियम गैस का घनत्व वातावरण में मौजूद गैस के घनत्व से कम होता है और वह आसमान में उड़ जाता है, या फिर हॉट एयर बलून में हम गैस को गर्म कर इसकी सघनता को कम करतें है जिससे वह आसमान में उड़ पाता है |

दूसरी वजह है ये तेल और पानी आपस में अविलेय है, ये दोनो आपस में घुलते नही है अगर हम इन्हें काफी जोर से हिलाएं या मिलाने की कोशीश का लें, थोड़ी देर बाद पानी और तेल अलग हो जाता है | इसलिए वह पानी के ऊपर तैरता है |

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