चीनी क्या है । Chini in Hindi

चीनी मीठे खाद्य पदार्थ का एक आवश्यक अंग है। इसके बिना कोई भी पकवान फीका लगता है। यह, खासकर मिठाई में तो अवश्य ही मिलाया जाता है तभी उस पकवान की या मिठाई की जाएका बनती है। बच्चे भी बिना चीनी के दूध नहीं पीते हैं, अतः हमारे खाद्य पदार्थों में चीनी एक आवश्यक पदार्थ है।

👉 आइए जानते हैं चीनी के बारे में यह क्या है और इससे लाभ हानि क्या है—-

    चीनी जिसे शक्कर भी कहते हैं यह अनेक रूपों में होता है जैसे गुड़ (खाड़), शहद। चीनी गन्ना , चुकंदर या छोहाड़ा से भी तैयार किया जाता है वैसे यह सारे मीठे फलों में भी पाया जाता है जैसे केला, अमरूद, खजूर, मुनक्का, अंजीर, आदि।
   इसका उत्पादन भारत में प्रमुख उद्योगों में होता है। यहां इसके अनेक फैक्ट्रियां स्थापित हैं और रोजगार का यह एक प्रमुख साधन है
   इसका उपयोग खाद्य पदार्थ में तो होता ही है इसके सह उत्पाद भी हैं, जैसे – शराब, अल्कोहल, कार्बनिक रसायन, पेपर एवं कार्डबोर्ड का उत्पादन भी शामिल है

       यह तीन रूपों में पाया जाता है—–

1) Monosaccharides ( एकल शर्करा) इसमें glucose, galactose, fructose, xylose का उदाहरण दिया जाता है। यह कार्बोहाइड्रेट का एक रूप है। यह जल में घुलनशील होता है । यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाले कार्बोहाइड्रेट्स हैं।इसे डईरेक्ट लेने से क्षणिक ताकत ( उर्जा) का अनुभव होता है, इससे अच्छा है फल का जूस लेना।

२)  Disacchrides ( द्वि शर्करा)यह भी जल में घुलनशील है और इसका सूत्र C12H22O11 होता है यह शर्करा की दो अनु से बनता है इसका उदाहरण है सुक्रोज माल्टोज एवं लेक्टोज  । इसी वर्ग में हमारा चीनी भी आता है यानी चीनी डाई सैकराइड है
3) polyols ( Sorbital , mannitol )

      👉चीनी में क्या पाया जाता है
चीनी कार्बोहाइड्रेट का एक रूप है इसमें कार्बन , हाइड्रोजन एवं ऑक्सीजन होता है
इसका सूत्र C6H12O6 होता है इस प्रकार इस में न कोई विटामिन ना कोई आयरन (लोहा) और न कोई पोषक तत्व है । लेकिन यह खाने में मीठा लगता है इसको खाने से तत्काल ऊर्जा मिलती है, लेकिन यह अनेक जानलेवा रोगों को जन्म देता है जैसे मधुमेह, अतिसार ,अजीर्ण, मोटापा, यानी यह शरीर में फैटी एसिड के रूप में जमा होकर आपके शरीर को स्थूल ( मोटा )  कर देने वाला कारक है ।यह स्वाद ग्रंथि मस्तिष्क को मिठास का संदेश भेजती है, हमें बहुत अच्छा लगता है। इसके अलावा इस चीनी का हमारे शरीर में कोई कार्य नहीं है इससे अच्छा तो हम प्राकृतिक तरीके से फल मेवा और भोज्य पदार्थ के द्वारा शरीर में ग्लूकोज की कमी को पूरा कर लेते हैं जो उचित है । अतः चीनी खाने की आदत ना लगाएं, अगर खाना ही है तो गुड़ खाएं वह भी कम मात्रा में।

👉 गुड  :- यह भी  ईख ( गन्ना ) या ताड़ , छुहारा , से बनाया जाता है और स्वाद में मीठा होता है लेकिन इसमें लोहा, आयरन फास्फोरस, कैलशियम कार्बोनेट ,और ग्लूकोस, फ्रुक्टोज  तो होते ही हैं,लेकिन यह भी तो यह उसी चीनी का रूप है ,अतः मिठास के लिए इस गुड़ का सेवन चीनी के जगह पर करें लेकिन इसका भी आदत न लगाएं क्योंकि इसमें भी 90% चीनी होती है इसका उपयोग आयुर्वेद में किया जाता है जैसे कफ को निकालना, गले और फेफड़ों के संक्रमण के उपचार में आदि।
👉 आइए थोड़ा सा चीनी रोग के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।
Diabatis  :- इसे हिंदी में मधुमेह और अंग्रेजी में डायबिटीज कहते हैं यह कभी ठीक नहीं होने वाला बीमारी है इसका इलाज हमेशा दवा खाना है या गुड़ या शक्कर से परहेज करना है। इसके होने से वजन कम होने लगता है।कोई भी जख्म ठीक नहीं होता। थोड़ी चोट लग जाने पर खून बहुत निकलता है , इसमें अग्नाशय खराब हो जाता है और उचित मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता जिससे इस चीनी या शुगर (ग्लूकोज) का स्तर बढ़ जाता है और बाद में पेशाब के रास्ते निकलने लगता है इससे आंखों की रोशनी खत्म हो जाना, किडनी और लीवर सब धीरे-धीरे खराब हो जाते हैं।
अतः मीठा से परहेज करें। प्राकृतिक रूप से खाद्य पदार्थ में फल , मेवा , में जो मीठा, मिल जाता है वही काफी है। चीनी साफ करने के लिए सल्फर का प्रयोग भी किया जाता है जो शरीर के लिए और भी हानिकारक है अतः आज से चीनी खाना बंद चाहे वह किसी भी रूप में हो

Ashok Kumar
नमस्कार , मै बायोलॉजी का सहरकारी शिक्षक हूँ और कभी कभी लिख लेता हूँ